इंदौर: तेजी से विकसित हो रहे स्मार्ट सिटी क्षेत्रों में अब अंडरग्राउंड केबलिंग केवल सुविधा नहीं, बल्कि आधुनिक शहरी व्यवस्था की अनिवार्य आवश्यकता बनती जा रही है. सुरक्षित और निर्बाध विद्युत आपूर्ति के साथ शहरों की सौंदर्यता बनाए रखने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अंडरग्राउंड विद्यीकरण कार्यों को लेकर इंजीनियरों के लिए विशेष तकनीकी प्रशिक्षण आयोजित किया.
पोलोग्राउंड सभागार में आयोजित इस एक दिवसीय ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन कंपनी के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह के निर्देश पर किया गया. प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्मार्ट सिटी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहे अंडरग्राउंड केबलिंग कार्यों को तकनीकी रूप से और अधिक सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं टिकाऊ बनाना रहा. कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ प्रदीप रामरखियानी एवं अरूण साहू ने देश-विदेश में अपनाई जा रही आधुनिक अंडरग्राउंड केबल तकनीकों, इंस्टॉलेशन प्रक्रिया, फॉल्ट मैनेजमेंट, मेंटेनेंस सिस्टम और सुरक्षा उपायों पर विस्तार से जानकारी दी.
विशेषज्ञों ने बताया कि भूमिगत केबलिंग से बारिश, आंधी और दुर्घटनाओं के दौरान बिजली बाधित होने की संभावना कम होती है तथा शहरों में तारों के जाल से मुक्ति मिलती है. कार्यक्रम में मुख्य अभियंता एसएल करवाड़िया, एसआर बमनके, अतिरिक्त मुख्य महाप्रबंधक संजय मालवीय, निर्मल शर्मा तथा संयुक्त सचिव तरूण उपाध्याय विशेष रूप से मौजूद रहे.
व्यवहारिक समाधान प्राप्त किए
प्रशिक्षण में इंदौर, महू और उज्जैन सहित विभिन्न शहरों से आए इंजीनियरों ने भाग लेकर तकनीकी जिज्ञासाओं पर विशेषज्ञों से चर्चा की और व्यवहारिक समाधान प्राप्त किए. अधिकारियों का मानना है कि भविष्य के स्मार्ट और सुरक्षित शहरों के लिए प्रशिक्षित तकनीकी मानव संसाधन सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है.
