चीनी कंपनियों पर अमेरिका के प्रतिबंध अवैध : चीन

बीजिंग, 11 मई (वार्ता) चीन ने ईरान से संबंध होने के कारण चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने के अमेरिका के फैसले का विरोध करते हुए नयी नीतियों को ‘अवैध’ एवं अंतरराष्ट्रीय कानून का विरोधी करार दिया। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुए जियाकुन ने सोमवार को कहा कि चीन अमेरिका द्वारा थोपे गये एकतरफा प्रतिबंधों को नकारता है और ये संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त नहीं है।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने चीन और हांगकांग की कंपनियों एवं लोगों पर ईरान की सेना की सहायता करने का आरोप लगाते हुए उन पर प्रतिबंध लगाये हैं। इस सूची में शामिल 12 लोगों एवं कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने ईरान की सेना के इस्तेमाल के लिए हथियार एवं तकनीक खरीदी हैं। उन्होंने कहा कि बीजिंग लगातार चीनी कंपनियों से यह अपेक्षा करता है कि वे कानूनों और नियमों के अनुसार ही अपना कारोबार करें, और वह चीनी उद्यमों के वैध अधिकारों और हितों की पूरी मज़बूती से रक्षा करने का इरादा रखता है।

श्री गुओ ने कहा, “ जहां तक ईरान की स्थिति का सवाल है, चीन ने बार-बार इस पर अपना दृढ़ रुख स्पष्ट किया है। इस समय सबसे ज़रूरी काम यह है कि युद्ध को फिर से शुरू होने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास किये जायें, न कि इस संघर्ष का दुर्भावनापूर्ण इस्तेमाल करके दूसरे देशों को बदनाम किया जाये।”
वित्त एवं विदेश मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को घोषित किये गये इस फ़ैसले से अगले हफ़्ते डोनाल्ड ट्रंप की चीन की प्रस्तावित यात्रा में अड़चनें पैदा होने का जोखिम है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के प्रतिबंधों का निशाना हांगकांग और चीन स्थित कंपनियां थीं, साथ ही संयुक्त अरब अमीरात की एक फर्म और एक ऐसा व्यक्ति भी था जिसका कथित तौर पर चीन की एक औद्योगिक कंपनी से संबंध है।
चीन ने दोहराया कि ईरान से जुड़े तनावों पर उसका रुख हमेशा एक जैसा रहा है, और उसने ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचने की अपील की है जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है।

.....

Next Post

ईरान के साथ युद्ध तब तक खत्म नहीं होगा जब तक परमाणु मुद्दों का समाधान नहीं हो जाता : नेतन्याहू

Mon May 11 , 2026
तेल अवीव, 11 मई (वार्ता) इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दोहराया है कि ईरान के साथ युद्ध तब तक ‘खत्म नहीं होगा’, जब तक कि प्रमुख रणनीतिक मुद्दों का समाधान नहीं हो जाता जिनमें ईरान के संवर्धित यूरेनियम के भंडार को हटाना, परमाणु केंद्रों को नष्ट करना और ईरान […]

You May Like