इंदौर: ग्रेटर बाबा जैन मंदिर में हुई चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. एफएसएल जांच में मिले फिंगरप्रिंट के आधार पर एक आरोपी को हिरासत में लिया है, जबकि उसके साथी चोरी का माल लेकर महाराष्ट्र भाग गए. पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है.एरोड्रम थाना क्षेत्र के मंदिर में हुई वारदात के बाद जोन-1 की विशेष टीम ने जांच शुरू की थी. मौके से जुटाए गए फिंगरप्रिंट का मिलान करने पर आरोपी लखन की पहचान हुई, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
बताया जा रहा है कि आरोपी पहले भी चोरी के मामलों में शामिल रहा है. जांच में सामने आया है कि आरोपी लखन और उसके साथी बलराम से पूछताछ की जा रही है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्य दीपक चौहान और गोलू चोरी का सामान लेकर महाराष्ट्र भाग गए हैं. पुलिस ने उनकी लोकेशन ट्रेस कर ली है और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं.
थाना प्रभारी वेदेन्द्र सिंह कुशवाह ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने अपने साथियों को महाराष्ट्र से बुलाया था. चोरी के बाद वे मंदिर से मूर्तियां और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए थे, अब तक चोरी गया माल बरामद नहीं हो सका है. जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लखन के खिलाफ तेजाजी नगर थाने में पहले से केस दर्ज है. उस पर दूसरे राज्यों में अपराध दर्ज हैं.
25 लाख की एक अन्य चोरी में भी इसी गिरोह पर आशंका
पुलिस को शक है कि यही गिरोह 25 लाख रुपए की एक अन्य चोरी में भी शामिल हो सकता है. पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट पहचान नहीं हो पाई थी, लेकिन फिंगरप्रिंट जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली है. सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा.
