वाशिंगटन, 06 मई (वार्ता) अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका के सैन्य अभियान का पुरजोर बचाव किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पूरी तरह से एक रक्षात्मक मिशन है, जिसे ईरान की नाकेबंदी के कारण फारस की खाड़ी में फंसे 87 देशों के लगभग 23,000 नागरिकों को बचाने के लिए तैयार किया गया है।
श्री रुबियो ने मानवीय अनिवार्यता और वैश्विक समुद्री मार्ग को खुला रखने की रणनीतिक आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने ईरान को कड़ी चेतावनी दी कि अमेरिकी इच्छाशक्ति को परखने की किसी भी कोशिश का निर्णायक जवाब दिया जाएगा।
एक ब्रीफिंग के दौरान श्री रुबियो ने कहा, “ये निर्दोष लोग हैं। वे अलग-थलग हैं, भूखे हैं, असुरक्षित हैं और इसके परिणामस्वरूप कम से कम दस नाविकों की मौत हो चुकी है।” उन्होंने कहा कि ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ नाम का यह अभियान निर्दोष जीवन की रक्षा करने और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक में अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों को बनाए रखने के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने बताया कि ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे आदेश पर शुरू किया गया था, जब कई देशों ने सार्वजनिक और निजी तौर पर अमेरिका से मदद की अपील की थी। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति ने हमेशा की तरह आगे बढ़कर मदद की पुकार का जवाब दिया। अमेरिका यह कदम इसलिए उठा रहा है क्योंकि केवल हम ही ऐसा कर सकते हैं।”
दो अमेरिकी ध्वज वाले व्यापारिक जहाज पहले ही सफलतापूर्वक जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं। यहां तैनात सैन्य संपत्तियों में गाइडेड मिसाइल विध्वंसक, सौ से अधिक हवाई और समुद्री विमान, मानव रहित प्लेटफॉर्म और 15,000 सैनिक शामिल हैं।
श्री रुबियो ने स्पष्ट किया कि यह ऑपरेशन आक्रामक प्रकृति का नहीं है। उन्होंने कहा, “जब तक हम पर पहले गोली नहीं चलाई जाती, तब तक कोई गोलीबारी नहीं होगी। हम केवल तभी जवाब दे रहे हैं जब पहले हमला किया जाए। यह एक रक्षात्मक अभियान है।”
विदेश मंत्री ने पुष्टि की कि चेतावनी को अनदेखा करने के बाद ईरान की सात नौकाओं को पहले ही नष्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा, “उनमें से सात अब समुद्र के तल में हैं, साथ ही ईरान की बाकी नौसेना भी।”
श्री रुबियो ने आर्थिक मोर्चे पर कहा कि ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी’ इसके समानांतर जारी है। उन्होंने बताया कि ईरान को राजस्व में प्रतिदिन 50 करोड़ डॉलर का नुकसान हो रहा है, उसका 90 प्रतिशत व्यापार रुक गया है, मुद्रास्फीति 70 प्रतिशत पर है और मुद्रा पूरी तरह से गिर चुकी है।
विदेश मंत्री ने चेतावनी दी कि ईरान को प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाला कोई भी विदेशी वित्तीय संस्थान माध्यमिक प्रतिबंधों का सामना करेगा और अमेरिकी वित्तीय प्रणाली तक अपनी पहुंच खो देगा।
श्री रुबियो ने उन सांसदों का भी कड़ा विरोध किया जिन्होंने नाकेबंदी को युद्ध की कार्रवाई बताया है। उन्होंने कहा, “क्या आप जानते हैं कि युद्ध की कार्रवाई क्या है? पानी में बारूदी सुरंगें बिछाना। पानी में सुरंग बिछाना किसी भी परिस्थिति में अवैध है और उन्होंने ऐसा किया है।”
अमेरिकी विदेश मंत्री ने व्यापक खतरों को स्पष्ट करते हुए चेतावनी दी कि ईरान को जलडमरूमध्य पर नियंत्रण सामान्य करने की अनुमति देना एक खतरनाक वैश्विक मिसाल कायम करेगा। उन्होंने कहा, “मैं दुनिया भर में छह या सात महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की पहचान कर सकता हूँ जहाँ कुछ देश यह तय कर सकते हैं कि यदि ईरान ऐसा करने में सक्षम था, तो हम भी ऐसा करेंगे। यह एक ऐसी स्थिति है जिसे हम कभी स्वीकार नहीं कर पाएंगे।”
श्री रुबियो ने कहा, “उन्हें वास्तव में अमेरिका की इच्छाशक्ति का परीक्षण नहीं करना चाहिए, कम से कम राष्ट्रपति के नेतृत्व में तो बिल्कुल नहीं। उन्होंने बार-बार साबित किया है कि वह जो कहते हैं, उस पर कायम रहते हैं। और अगर वे उनकी परीक्षा लेंगे, तो अंततः वे हारेंगे चाहे वह कठिन रास्ता हो या आसान, लंबा हो या छोटा।”
