तेहरान | ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीतिक गतिरोध अब सैन्य टकराव की कगार पर पहुँच गया है। ईरानी नौसेना के कमांडर रियर एडमिरल शाहराम ईरानी ने एक सनसनीखेज बयान देते हुए कहा है कि उनके पास एक ऐसा नया गुप्त हथियार है, जो अमेरिकी और इजरायली सेनाओं को ‘हार्ट अटैक’ (दिल का दौरा) दे सकता है। ईरान का दावा है कि उनके सैन्य अभियानों के कारण अमेरिकी विमानवाहक पोत ‘अब्राहम लिंकन’ की परिचालन क्षमता प्रभावित हुई है। यह धमकी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर सख्त नाकाबंदी जारी रखने का फैसला किया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है।
अमेरिका द्वारा ईरान के तेल निर्यात पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों और समुद्र में ईरानी तेल टैंकरों की जब्ती ने ईरान की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह झकझोर दिया है। युद्ध और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण ईरान में विदेशी मुद्रा का प्रवाह लगभग ठप हो गया है। अमेरिकी वित्त विभाग की कार्रवाई के चलते ईरान के मुख्य निर्यात टर्मिनल, खर्ग द्वीप पर भंडारण क्षमता भी प्रभावित हो रही है। तेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान के तेल कुएं एक बार बंद हो गए, तो उन्हें दोबारा चालू करना तकनीकी रूप से बेहद कठिन होगा। इस गतिरोध के कारण वैश्विक बाजार में पेट्रोल और जेट ईंधन की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है।
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करते हुए वहां से गुजरने वाले जहाजों पर नियंत्रण करना शुरू कर दिया है। ईरान का कहना है कि वे केवल उन्हीं जहाजों को अनुमति देंगे जो उनके हितों को नुकसान नहीं पहुँचाते। दूसरी ओर, विशेषज्ञों का मानना है कि दशकों से अलग-थलग पड़ा ईरान अपनी पुरानी मशीनरी और बुनियादी ढांचे के दम पर ज्यादा समय तक अमेरिकी दबाव नहीं झेल पाएगा। हालांकि, ईरान ने मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर 100 से अधिक सफल जवाबी हमले करने का दावा कर अपनी सैन्य आक्रामकता का परिचय दिया है, जिससे क्षेत्र में पूर्ण युद्ध का खतरा बढ़ गया है।

