रेलवे ट्रैक पर बदहवासी की हालत में मिला बालक

सतना : रविवार को रेलवे स्टेशन परिसर में उस वक्त हडक़ंप मच गया जब एक बालक रेलवे ट्रैक पर बदहवासी की हालत में खड़ा पाया गया. हलांकि समय रहते जीआरपी स्टॉफ द्वारा उसे सुरक्षित प्लेटफार्म पर ले आया गया. लेकिन जीआरपी के सामने नई चुनौती तब खड़ी हो गई जब मानसिक तौर पर दिव्यांग बालक स्वयं के बारे में कुछ भी बता नहीं पा रहा था.जीआरपी उप थाना प्रभारी राजेश राज से प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार को रीवा इतवारी एक्सप्रेस ट्रेन के आगमन का समय हो गया था. लेकिन इसी दौरान लगभग 14 वर्ष का एक बालक बदहवासी की हालत में रेलवे ट्रैक पर खड़ा नजर आया.

यह दृश्य देख प्लेटफार्म पर मौजूद यात्री सहम गए. लेकिन उस दौरान ड्यूटी पर तैनात आरक्षक पवनीश कुमार, संजय त्रिपाठी और सज्जन सिंह की नजर जैसे ही रेलवे ट्रैक पर खड़े बालक पर पड़ी. वैसे ही बिना समय गंवाए वे बालक के पास पहुंच गए. जीआरपी स्टॉफ को सामने खड़ा देख बालक और सहम गया. लिहाजा मौके की नजाकत को भांपते हुए जीआरपी स्टॉफ ने पहले तो बालक से मित्रवत बात करनी शुरु की. उसके बाद बालक को सुरक्षा का एहसास दिलाते हुए प्लेटफार्म पर ले आए.

इसी कड़ी में बालक से बातचीत करते हुए जीआरपी चौकी में ले आया गया. लेकिन इससे पहले कि रेलवे ट्रैक पर मौजूद बालक को सकुशल चौकी पहुंचाने पर वहां का स्टॉफ संतुष्ट हो पाता, एक नई चुनौती सामने आ गई. चौकी में बातचीत करने के दौरान यह मालुम हुआ कि बालक न सिर्फ मानसिक रुप से अक्षम है, बल्कि अपना नाम और पता बता पाने में भी असमर्थ है. यह देखते हुए बालक की फोटो और संक्षिप्त जानकारी को सोशल मीडिया में साझा करते हुए जानकारी जुटाने का प्रयास शुरु कर दिया गया.

इस कवायद के दौरान बालक को असहज न लगे इसके लिए उसके लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था भी की गई. काफी देर तक कड़ी मशक्कत करने के बाद साशल मीडिया में साझा की गई जानकारी किसी तरह बालक के जीजा तक पहुंच गई. रघुराजनगर निवासी जीजा कुछ समय बाद चौकी पहुंच गए और बालक की पहचान की. जिसके बाद कागजी कार्रवाई पूरी करते हुए बालक को परिजनों को सौंप दिया गया.

परस्थितियां और भी विषमजीआरपी द्वारा जब बालक के परिजनों से बातचीत की गई तो बालक के जीवन से जुड़ा दर्दनाक पहलू सामने आया. बताया गया कि बालक के पिता का स्वर्गवास पहले ही हो चुका है. इतना ही नहीं बल्कि बालक की मां को गंभीर बीमारी है. जिसके चलते उसकी मां बिस्तर पर रहती हैं. इन विषम पारिवारिक परिस्थितियों के साथ-साथ मानसिक तौर पर अक्षम बालक का सतना रेलवे स्टेशन पर रेलवे ट्रैक पर पाया जाना विडंबना ही कहा जाएगा. लेकिन उससे कहीं अधिक सुखद पहलू यह रहा कि बालक सकुशल अपने परिजनों के पास वापस पहुंच गया

Next Post

अमेरिका-ईरान तनाव का असर, पाकिस्तान को 200 अरब का नुकसान! गरीब हो सकते हैं करोड़ों लोग

Mon Apr 27 , 2026
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार लगातार कूटनीतिक कोशिशें कर रही है और तनाव कम करने में जुटी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। पाकिस्तान इस समय बढ़ते आर्थिक दबाव से जूझ रहा है। अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर अब दुनिया भर में ऊर्जा […]

You May Like

मनोरंजन