सतना: बच्चों में कुपोषण के लिहाज से कुख्यात हो चुके जिले के चित्रकूट क्षेत्र के मझगवां अंचल में एक और दाग बुधवार को तब लग गया जब गंभीर तौर पर कुपोषित जुड़वों बच्चों में से 1 ने दम तोड़ दिया. वहीं दूसरे बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है जिसे देखते हुए उसका उपचार मेडिकल कॉलेज रीवा में जारी है. इस घटना के सामने आते ही प्रशासन, महिला बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय जिम्मेदारों के बीच हडक़ंप मच गया और आनन-फानन में कार्रवाई तेज कर दी गई.
चित्रकूट क्षेत्र के मझगवां विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम सुरंगी पथरा गांव के निवासी नत्थू प्रसाद प्रजापति के जुड़वां बच्चे 4 माह के नैतिक और प्रियांशी की तबियत पिछले कुछ दिनों से खराब चल रही थी. जिसके चलते दोनों का उपचार गांव के ही एक झोला छाप चिकित्सक से कराया जा रहा था. लेकिन उक्त उपचार के बावजूद दोनों बच्वों की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ. जिसके चलते उन्हें उपचार के लिए मझगवां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया.
लेकिन दोनों बच्चों की हालत इतनी गंभीर नजर आने लगी कि वहां पर उपचार करने के बाद उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया. जिसके चलते मंगलवार को दोनों बच्चों को जिला चिकित्सालय में बच्चों के आईसीयू वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरु कर दिया गया था. चिकित्सालय में उपचाररत दोनों बच्चों की हालत को देखकर स्पष्ट नजर आ रहा है कि दोनों गंभीर तौर पर कुपोषित हैं. दोनों बच्चों का जन्म 20 दिसंबर को हुआ था और अब 4 महीने पूरे हो जाने के बावजूद भी नैतिक का वजह जहां 2 किलो 953 ग्राम है. वहीं प्रियांशी का वजन महज 2 किलो 862 ग्राम था. दोनों बच्चों के हाथ-पैर बुरी तरह सिकुड़े हुए और शरीर के नाम पर हड्डियों का ढांचा ही दिखाई दे रहा है.
उपचार कर रहे शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव प्रजापति के अनुसार दोनों बच्चें के स्वास्थ्य की बारीकी से निगरानी की जा रही थी. लेकिन बुधवार को बालिका प्रियांशी की हालत लगातार बिगडऩे लगी. काफी प्रयास करने के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका. जिसे देखते हुए बालिका के शव को परिजनों को सौंप दिया गया. बताया गया कि परिजनों द्वारा मझगवां में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया. वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए बालक नैतिक को मेडिकल कॉलेज रीवा रेफर कर दिया गया.
जहां पर उसका उपचार जारी है. लेकिन फिलहाल उसकी हालत भी खतरे से बाहर नजर नहीं आ रही है. संयुक्त टीम ने मारा छापागंभीर कुपोषित जुड़वों बच्चों का उपचार स्थानीय झोलाछाप चिकित्सक के यहां कराए जाने और बालिका की मौत हो जाने की जानकारी सामने आते ही बुधवार को प्रशासन सक्रिय हो गया. एसडीएम मझगवां महिपाल सिंह के नेतृत्व में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर मझगवां रुपेश सोनी, एसडीओपी चित्रकूट राजेश बंजारा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी ग्राम पंचायत पालदेव पहुंच गए. जहां पर कथित झोलाछाप चिकित्सक प्रेमलाल अनुरागी के यहां छापामार कार्रवाई करते हुए क्लीनिक को सील कर दिया गया.
बताया गया कि उक्त क्लीनिक में से कुछ दवाएं भी जब्त की गईं. जिसमें से कुछ एक्सपायरी नजर आ रही थीं. इसी कड़ी में उक्त चिकित्सक के विरुद्ध थाने में विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया गया. फैला है मकडज़ालचित्रकूट के मझगवां क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग और महिला बाल विकास के जिम्मेदारों द्वारा बरती जा रही घोर उपेक्षा के चलते उक्त क्षेत्र के लगभग प्रत्येक गांव में नर्सिंग होम की तर्ज पर झोला छाप चिकित्सकों के क्लीनिक संचालित होते देखे जा सकते हैं. पालदेव, पथरा, जुगुलपुर, मतहैन और अर्जुनपुर सहित कई ऐसे गांव हैं जहां पर झोलाछाप चिकित्सकों की समानांतर स्वास्थ्य व्यवस्था ने पूरा मकडज़ाल फैला रखा है. कोई गंभीर मामला सामने आने पर कुछ समय के लिए सख्ती की औपचारिक कवायद शुरु कर दी जाती है.
लेकिन समय बीतते ही मामले के ठंडे बस्ते में जाने में देर नहीं लगती. फोटो मेल में -अस्पताल, छापेमारी शहर में कुत्ते का आतंक, 2 दर्जन से अधिक को काटा उपचार कराने को लेकर जिला चिकित्सालय में लगी रही कतारनवभारत न्यूजसतना 22 अप्रैल. एक कुत्ता कितना आतंक फैला सकता है इसकी एक बानगी बुधवार को शहर में देखने को मिली. शहर के गहरानाला क्षेत्र से लेकर अस्पताल चौक तक के क्षेत्र में जहां तहां भागते हुए उस कुत्ते ने 2 दर्जन से अधिक लोगों को बुरी तरह घायल कर दिया. जिसका नतीजा यह हुआ कि जिला चिकित्सालय में उपचार कराने के लिए लोगों की कतार लगी रही.
प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को दोपहर बाद एक सफेद रंग का आवारा कुत्ता अचानक पागलों जैसी हरकत करने लगा. बताया गया कि सबसे पहले गहरा नाला क्षेत्र में उस कुत्ते ने बिना वजह ही पास से गुजर रहे दो लोगों पर बुरी तरह झपट पड़ा. हलांकि आस पास मौजूद लोगों द्वारा पत्थर और डंडे की मदद से डराने के बाद कुत्ता वहां से भाग गया. लेकिन तब तक दोनों लोगों का पैर लहुलुहान हो चुका था. इसी कड़ी में कुत्ता गहरा नाला से भागते हुए रीवा रोड की ओर पहुंचा.
जहां पर एक एक करके उसने एक व्यापारी सहित 3 लोगों को काट लिया. वहां से भगाए जाने पर कुत्ता कृष्णनगर रोड की ओर पहुंच गया. इस दौरान रास्ते में उसे जो भी नजर आता वह झपट पड़ता. जिसके बाद वह कुत्ता जगतदेव तालाब रोड से होते हुए अस्पताल चौक तक भागता रहा. इस दौरान उसने 2 दर्जन से अधिक लोगों पर हमला किया. कुत्ते के काटने से घायल होने वालों में पुरुष, महिला, बच्चे और वृद्ध सभी शामिल रहे. प्रभावितों में से कुछ को तो गहरे घाव भी हो गए थे.
इस घटना का असर यह रहा कि देखते ही देखते जिला चिकित्सालय में उपचार कराने वालों की लंबी कतार लगनी शुरु हो गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए आरएमओ डॉ. शरद दुबे भी अस्पताल की ओपीडी और माइनर ओटी में पहुंच गए. कुत्ते के काटने से घायल सभी लोगों को टिटनेस और एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए जाने लगे. वहीं कुछ घायलों की चोट को देखते हुए उन्हें भर्ती होने की सलाह दी गई. इस घटना से आक्रोशित लोगों ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि चाहे आवारा मवेशियों का मामला हो अथवा कुत्तों का जिम्मेदारों द्वारा कभी कोई कार्रवाई नहीं की जाती.
मचा रहा हडक़ंपजिला चिकित्सालय में कुत्ते के काटने से संबंधित मरीजों की बाढ़ आती देख वहां पर मौजूद स्टॉफ के भी हाथ-पैर फूलने लगे. आलम यह रहा कि कुछ लोगों को पर्ची जनरेट करने के बाद भीड़ को देखते हुए सादे कागज पर ही नाम लिख कर उपचार के लिए थमाया जाने लगा. अस्पताल पहुंचने वाले लोगों में नीरज मिश्रा, धर्मेंद्र सिंह, वंदना केशरवानी, रज्जू वर्मा, अब्दुल सलीम, संदरलाल चौधरी, मोहम्मद नसीम, मोहम्मद तौफीक, रामनिवास वर्मा, नुसरत साहनी महेश गुप्ता, संजय खरे, सौरभ पाण्डेय, राजेंद्र गुप्ता, मोहम्मद ताहिर, राजेंद्र कुरील, दीप नारायण वर्मा, जैकब सिद्दीकी और रामसूरत कुशवाहा सहित अन्य शामिल रहे. गौरतलब है कि शहर भर में 3 दर्जन से अधिक लोगों को घायल करने के बाद वह कुत्ता अचानक कहीं गायब हो गया.
