
बिजावर। केन-बेतवा लिंक परियोजना के प्रभावितों की लड़ाई अब सियासी अखाड़े में तब्दील हो गई है। बमीठा थाने में यूथ कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार और उनके 50 समर्थकों पर दर्ज हुई एफआईआर के बाद कांग्रेस नेता ने कड़ा रुख अपनाया है। रविवार को एक वीडियो संदेश जारी करते हुए अभिषेक परमार ने प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाया और स्पष्ट किया कि शोषितों, आदिवासियों और दलितों के हक के लिए यह लड़ाई पीछे हटने वाली नहीं है।
गौरतलब है कि दो दिन पूर्व भुसोर गेट पर हुए विवाद और कथित अभद्रता के मामले में पुलिस ने रेंजर की शिकायत पर अभिषेक परमार सहित 50 लोगों पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिषेक परमार ने कहा, “प्रशासन ने जनहित की मांग उठाने पर दमनकारी नीति अपनाई है। हम केवल डूब क्षेत्र के ग्रामीणों से मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस और वन विभाग ने जानबूझकर विवाद की स्थिति पैदा की।”
उन्होंने आगे कहा कि केन-बेतवा परियोजना में मुआवजे के नाम पर आदिवासियों के साथ छल किया जा रहा है। “मैं एक पत्रकार और जनसेवक के नाते उनकी पीड़ा देख रहा हूँ। यदि प्रशासन को लगता है कि एफआईआर दर्ज कर वे हमें डरा देंगे, तो यह उनकी भूल है। हम जेल जाने को तैयार हैं, लेकिन आदिवासियों के पुनर्वास और सम्मान से समझौता नहीं करेंगे।” फिलहाल, इस बयान के बाद क्षेत्र में राजनीतिक पारा चढ़ गया है और पुलिस भी मामले में आरोपियों की शिनाख्त कर गिरफ्तारी की तैयारी में जुटी है।
