
इंदौर। शहर में आत्महत्या के तीन अलग अलग मामलों ने सनसनी फैला दी है. भंवरकुआं, राऊ और खुड़ैल थाना क्षेत्रों में हुई इन घटनाओं में एक छात्रा, एक महिला और एक डॉक्टर की मौत हो गई. दो मामलों में फांसी और एक में जहर खाने की बात सामने आई है. पुलिस ने सभी मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है.
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार पहला मामला भंवरकुआं थाना क्षेत्र का हैं, यहां रहने वाली 19 वर्षीय छात्रा ने अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी. मृतका की पहचान कशिश पंवार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से धार जिले के धरमपुरी क्षेत्र के ग्राम पगारा की रहने वाली थी और अभिनव नगर, पालदा में रहकर बीए की पढ़ाई कर रही थी. उसका शव कमरे में फंदे पर लटका मिला था. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को एमवाय अस्पताल भिजवाया गया, जहां पोस्टमार्टम कराया. पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. पुलिस ने मोबाइल जब्त कर कॉल डिटेल और अन्य पहलुओं की जांच शुरू कर दी है. इसी तरह की एक घटना राउ थाना क्षेत्र की है. राऊ थाना क्षेत्र के रंगवासा इलाके में रहने वाली 30 वर्षीय ममताबाई पटेल की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. परिजनों ने पुलिस को बताया कि बुधवार 1 अप्रैल को पारिवारिक विवाद के बाद उसने फांसी लगा ली थी. समय रहते उसे नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया था. करीब 15 दिन से इलाज चल रहा था, लेकिन उसकी मौत हो गई. प्रारंभिक जांच में पायल को लेकर हुए विवाद की बात सामने आई है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
वहीं खुड़ैल थाना क्षेत्र में 35 वर्षीय डॉक्टर दामिनी ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली. परिजन उन्हें गंभीर हालत में नेमावर रोड स्थित निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. मृतका देवास जिले के कन्नौद की रहने वाली थीं और कलवर में सीएचओ पद पर पदस्थ थीं. परिजनों ने आरोप लगाया है कि पति संदीप के किसी अन्य महिला से संबंध थे, जिसे लेकर अक्सर विवाद होता था. विरोध करने पर मारपीट का भी आरोप लगाया है. तीनों मामलों में पुलिस ने मर्ग दर्ज कर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के आधार पर जांच की जा रही है.
