नयी दिल्ली, 15 अप्रैल (वार्ता) पश्चिम एशिया संकट के कारण आपूर्ति श्रृंखला में उत्पन्न बाधा के चलते मार्च में मूल्य के आधार पर देश का पेट्रोलियम आयात 35.91 प्रतिशत घटकर 1,218.28 करोड़ डॉलर रह गया।
उल्लेखनीय है कि यह गिरावट मूल्य के आधार पर आयी है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में आये उछाल को देखते हुए मात्रा के आधार पर स्पष्ट रूप से इससे भी बड़ी गिरावट रही है।
पिछले साल मार्च में 1,900.84 करोड़ रुपये के पेट्रोलियम पदार्थों का आयात किया गया था जिसमें कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस शामिल हैं।
अमेरिका और इजरायल के गत 28 फरवरी को ईरान पर किये गये हमले और उसके बाद जवाबी कार्रवाई में ईरान द्वारा पश्चिम एशिया के कई देशों में किये गये हमलों के कारण कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो गयी है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के बुधवार को जारी किये गये आंकड़ों के अनुसार, सोने का आयात भी मार्च में मूल्य के आधार पर 31.63 प्रतिशत कम होकर 306.08 करोड़ डॉलर रह गया। पिछले साल मार्च में 447.65 करोड़ डॉलर का सोना आयात किया गया था।
खास बात यह है कि पेट्रोलियम की तरह ही सोने में भी यह गिरावट एक साल पहले के मुकाबले मूल्य में भारी वृद्धि के बावजूद दर्ज की गयी है।
दूसरी तरफ, चांदी के आयात का मूल्य मार्च में 416.77 प्रतिशत की तेज उछाल के साथ 1,205.09 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। एक साल पहले यह आंकड़ा 482.73 करोड़ डॉलर का था।
