देश में खुदरा महंगाई की मार से आम जनता बेहाल, मार्च में दर बढ़कर 3.4% पहुंची, खाने-पीने की चीजों और गहनों की कीमतों में भारी उछाल

नई दिल्ली | देश की आम जनता के लिए महंगाई के मोर्चे पर बुरी खबर सामने आई है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च महीने में खुदरा महंगाई दर सालाना आधार पर बढ़कर 3.4 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो फरवरी में 3.21 प्रतिशत थी। ग्रामीण इलाकों में महंगाई का असर अधिक देखा गया, जहाँ यह दर 3.63 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 3.11 प्रतिशत रही। खाद्य महंगाई दर में भी उछाल आया है, जो 3.47 प्रतिशत से बढ़कर 3.87 प्रतिशत हो गई है, जिससे आम आदमी की रसोई का बजट बिगड़ गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने जहां प्याज, आलू और लहसुन जैसी चीजों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, वहीं चांदी और सोने के गहनों की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। चांदी की ज्वेलरी की कीमतों में 148.61 प्रतिशत का रिकॉर्ड उछाल देखा गया, जबकि टमाटर और फूलगोभी की कीमतों में भी 34 से 36 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। राज्यों की बात करें तो तेलंगाना 5.83 प्रतिशत की महंगाई दर के साथ सबसे ऊपर रहा, इसके बाद आंध्र प्रदेश और कर्नाटक का नंबर आता है। मिडिल ईस्ट संकट के कारण इनपुट लागत में हुई वृद्धि को भी इस महंगाई का एक बड़ा कारण माना जा रहा है।

खुदरा महंगाई के इन आंकड़ों को तैयार करने के लिए राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के फील्ड स्टाफ ने देशभर के 1118 शहरी बाजारों और 1181 गांवों से रियल-टाइम डेटा एकत्र किया। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि मार्च 2026 के दौरान लगभग 100 प्रतिशत बाजारों से मूल्य जानकारी जुटाई गई, ताकि सटीक रिपोर्ट तैयार की जा सके। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि वैश्विक तनाव और लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागत का सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है। आने वाले समय में यदि खाद्य पदार्थों की आपूर्ति सामान्य नहीं होती है, तो महंगाई का यह दबाव और अधिक बढ़ सकता है।

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