इंदौर:होली जैसे बड़े पर्व से पहले शहर की पुलिस को तकनीकी रूप से मजबूत करने की कवायद शुरू हो गई है. अब तक सीमित संसाधनों के सहारे काम कर रही यातायात और कानून-व्यवस्था की टीम को आधुनिक उपकरणों का संबल मिला है. दवा निर्माण कंपनी (वायट्रिस समूह) ने सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत पुलिस कमिश्नरेट इंदौर को बड़ी संख्या में सुरक्षा और यातायात संबंधी उपकरण उपलब्ध कराए हैं.
शहर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव, नशे में वाहन चलाने की घटनाओं और त्योहारों के दौरान अव्यवस्था की शिकायतों के बीच पुलिस लंबे समय से अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता महसूस कर रही थी. कई चौराहों पर पर्याप्त बैरिकेड उपलब्ध नहीं थे, जबकि श्वास परीक्षण यंत्रों की संख्या भी सीमित थी. बॉडी कैमरों की कमी के कारण कई बार कार्रवाई को लेकर विवाद की स्थिति बन जाती थी. कंपनी की ओर से 125 बैरिकेड अवरोधक, 25 श्वास परीक्षण यंत्र, 20 शरीर पर लगाए जाने वाले कैमरे, 200 संकेतक लाइट और 200 यातायात जैकेट उपलब्ध कराए हैं.
श्वास परीक्षण यंत्र से नशे में वाहन चलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई संभव होगी. शरीर पर धारण कैमरे पुलिस कार्रवाई को पारदर्शी बनाएंगे और किसी भी विवाद की स्थिति में साक्ष्य उपलब्ध कराएंगे. बैरिकेड और संकेतक लाइट त्योहारों व वीआईपी ड्यूटी के दौरान यातायात डायवर्जन को व्यवस्थित करेंगे. यातायात जैकेट रात के समय ड्यूटी कर रहे जवानों की सुरक्षा बढ़ाएंगी.
पहले थी यह स्थिति
सूत्रों के मुताबिक अब तक कई थानों और यातायात बिंदुओं पर उपकरणों की अदला-बदली कर काम चलाया जाता था. बड़े आयोजनों या त्योहारों में अतिरिक्त संसाधन जुटाना चुनौती बन जाता था. सीमित बॉडी कैमरों के कारण सभी संवेदनशील ड्यूटी पॉइंट कवर नहीं हो पाते थे.
होली पर रहेगा फोकस
आगामी होली पर्व पर शहर के प्रमुख चौराहों, संवेदनशील क्षेत्रों और बायपास मार्गों पर इन उपकरणों का उपयोग किया जाएगा. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इससे न केवल यातायात प्रबंधन बेहतर होगा, बल्कि कानून व्यवस्था पर भी मजबूत पकड़ रहेगी. विशेषज्ञों का कहना है कि निजी क्षेत्र के सहयोग से पुलिसिंग को तकनीकी रूप से उन्नत करने की यह पहल भविष्य में अन्य शहरों के लिए भी मॉडल बन सकती है.
