भू-अर्जन शाखा के जोनल अधिकारी एक लाख की रिश्वत लेते  ट्रैप

सीधी। जिले में लोकायुक्त पुलिस रीवा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भू-अर्जन शाखा के जोनल अधिकारी कलेक्टर कार्यालय सीधी भूपेंद्र पाण्डेय को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए कार्यालय में रंगे हाथों ट्रैप किया। यह दूसरी बार है जब आरोपी को लोकायुक्त पुलिस ने ट्रैप में पकड़ा है, जिससे रिश्वतखोर नौकरशाहों में हड़कंप मच गया है। लोकायुक्त टीम के अनुसार शिकायत कर्ता शिवबहोर तिवारी पिता सत्य प्रसाद तिवारी उम्र 62 वर्ष निवासीग्राम/पोस्ट सदला तहसील बहरी जिला सीधी द्वारा दिनांक 23 फरवरी 2026 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया । जिसमें कहा गया कि मेरी पत्नी श्रीमती सुशीला तिवारी के नाम दर्ज रकवा 0.0380 हेक्टेयर भूमि जो सीधी -सिंगरौली राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण हेतु शासन ने वर्ष 2012-13 में अधिग्रहित किया था। मूल्यांकन अधिकारी द्वारा इसमें गलत मूल्यांकन किया गया था जब मैंने मुआवजा की राशि के भुगतान के संबंध में कलेक्टर कार्यालय सीधी के भू-अर्जन शाखा के जोनल अधिकारी भूपेंद्र पाण्डेय से मिल कर बात किया तो उन्होंने कहा कि आपकी मुआवजा की राशि 27 लाख रूपये होती हैं जिसका 50 प्रतिशत के हिसाब से 13 लाख 50 हजार रूपये रिश्वत के रूप में देना होगा तभी आपका मुआवजा का भुगतान होगा। यदि पैसे नहीं दोगे तो भुगतान नहीं होगा। शिकायत प्राप्त होने पर लोकायुक्त संभाग रीवा के द्वारा सत्यापन कराया गया । शिकायत सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा रिश्वत की मांग करना सही पाया गया | आज दिनांक 26 फरवरी 2026 को टीम गठित कर ट्रैप कार्रवाई की गई । आरोपी भूपेंद्र पाण्डेय जोनल अधिकारी भू-अर्जन शाखा कलेक्टर कार्यालय सीधी शिकायतकर्ता से 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए ट्रैप कर कार्रवाई की गई। आरोपी के विरुद्ध धारा 7 (क)भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधन अधिनियम 2018 के अंतर्गत अपराध पंजीवद्ध किया गया । टीम द्वारा देर रात तक कार्रवाई की गई।

आरोपी पर पूर्व में भी लोकायुक्त का प्रकरण दर्ज-

आरोपी भूपेंद्र पाण्डेय के विरुद्ध पूर्व में भी लोकायुक्त रीवा में अपराध 250/2019 धारा 13(1)बी 13(2) पी सी एक्ट 1988 का संशोधन अधिनियम 2018 का प्रकरण पंजीवद्ध कर विवेचना की जा रही । आरोपी के विरुद्ध पद का दुरूपयोग आय से अधिक सम्पत्ति का मामला पूर्व से ही प्रकरण पंजीबद्ध है।

12 सदस्यीय टीम कार्रवाई में थी शामिल-

कलेक्टर कार्यालय सीधी के भू-अर्जन शाखा के जोनल अधिकारी भूपेंद्र पाण्डेय की ट्रैप कार्रवाई में लोकायुक्त की 12 सदस्यीय टीम शामिल रही। ट्रेपकर्ता अधिकारी

एसआर मरावी निरीक्षक विपुस्था लोकायुक्त कार्यालय रीवा , उपेंद्र दुबे निरीक्षक विपुस्था लोकायुक्त कार्यालय रीवा ट्रैप दल के सदस्य के साथ 2 स्वतंत्र शासकीय गवाह द्वारा 12 सदस्यीय टीम के साथ कार्रवाई की गई।

इनका कहना है-

शिकायत के सत्यापन में तथ्य सही पाए जाने पर गुरुवार को आरोपी को एक लाख रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोपी भूपेंद्र पाण्डेय के विरुद्ध पूर्व में भी लोकायुक्त पुलिस द्वारा आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जा चुका है।

एस. आर. मरावी , ट्रेपकर्ता अधिकारी लोकायुक्त रीवा

इनका कहना है-

उनकी नौ डिसमिल जमीन हाईवे परियोजना में प्रभावित हुई थी, जिसके लिए उन्हें 27 लाख रुपये का मुआवजा स्वीकृत हुआ था। इस मुआवजा राशि को जारी कराने के लिए अधिकारी भूपेंद्र पाण्डेय ने उनसे 13 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। उन्होंने पहले भी मजबूरी में 1 लाख रुपये की राशि दी थी। तय योजना के तहत, गुरुवार को वह दूसरी किस्त के रूप में 1 लाख रुपये देने पहुंचे थे, जबकि शेष राशि पांच दिन बाद देने की बात हुई थी। इसी दौरान उन्होंने लोकायुक्त एसपी से शिकायत की।

शिवबहोर तिवारी, शिकायतकर्ता

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