न्यूयॉर्क/नई दिल्ली | कुख्यात जेफरी एपस्टीन स्कैंडल से जुड़ी नई गोपनीय फाइलों के सार्वजनिक होने के बाद एक चौंकाने वाला भारतीय कनेक्शन सामने आया है। दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि एपस्टीन के शिकारों में एक भारतीय लड़की भी शामिल थी। जनवरी 2020 की एक ईमेल बातचीत के अनुसार, अमेरिकी अधिकारी भारत स्थित अमेरिकी दूतावास के साथ मिलकर इस पीड़िता को खोजने का प्रयास कर रहे थे ताकि उसे ‘विक्टिम्स फंड’ से मुआवजा दिलाया जा सके। ईमेल में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि पीड़िता से आधिकारिक आवेदन भरवाया जाए ताकि उसे आवश्यक थेरेपी और आर्थिक सहायता प्रदान की जा सके।
इन खुलासों ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है। 5 जून 2014 के एक ईमेल में माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स और एपस्टीन के बीच भारत के तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के साथ संभावित बैठक को लेकर चर्चा हुई थी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ऐसी कोई बैठक हुई थी या नहीं, लेकिन ये दस्तावेज एपस्टीन की भारतीय सत्ता प्रतिष्ठान तक पहुंच बनाने की कोशिशों को उजागर करते हैं। इसके अलावा, एपस्टीन के सहयोगियों द्वारा भारत की एक प्रमुख पीआर कंपनी के प्रमोटर और अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों से संपर्क साधने के प्रमाण भी इन फाइलों में मिले हैं।
दस्तावेजों में एक महिला द्वारा जुलाई 2010 में एपस्टीन को भेजा गया एक ईमेल भी शामिल है, जिसमें उसने यात्रा के दौरान एक वृद्ध भारतीय व्यक्ति द्वारा की गई अश्लील हरकतों का जिक्र किया था। इसके अतिरिक्त, जून 2018 के एक ईमेल में भारत में चल रही ‘फेक न्यूज़’ और एक विदेशी फंड वाली कंपनी को ब्लैकमेल करने की कोशिशों पर भी चर्चा की गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन नए खुलासों से यह संकेत मिलता है कि एपस्टीन का जाल केवल अमेरिका और यूरोप तक सीमित नहीं था, बल्कि उसके तार भारत के उच्च संपर्कों से भी जुड़े हुए थे, जिसकी अब गहन जांच की जा रही है।

