इल्ली वाली दाल और टूटे दरवाजे: बदहाली के खिलाफ सड़क पर उतरे एकलव्य छात्रावास के सैकड़ों छात्र

गुना: शहर के बाईपास स्थित एकलव्य छात्रावास में अव्यवस्थाओं के अंबार और भोजन की बेहद खराब गुणवत्ता को लेकर रविवार को छात्रों का धैर्य जवाब दे गया। सैकड़ों छात्रों ने छात्रावास प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पैदल रैली निकाली और कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने छात्रावास के प्रिंसिपल अभिषेक पांडे पर तानाशाही और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से पदस्थ प्रिंसिपल के कार्यकाल में छात्रावास की स्थिति बद से बदतर हो गई है।

छात्रों ने कलेक्टर को अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्हें जो भोजन परोसा जा रहा है, वह स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। खाने की सामग्री इतनी घटिया है कि दाल और सब्जी में अक्सर इल्लियां निकलती हैं और मेन्यू का पालन कभी नहीं किया जाता। हद तो तब हो जाती है जब कोई छात्र इन बुनियादी सुविधाओं की मांग करता है, तो प्रिंसिपल उसे छात्रावास से बाहर निकालने की धमकी देते हैं। छात्रों ने हॉस्टल की जर्जर हालत का जिक्र करते हुए कहा कि शौचालयों के दरवाजे टूटे हुए हैं, जिसकी वजह से छात्र तौलिया लगाकर उनका उपयोग करने को मजबूर हैं।

साथ ही परिसर में पानी की भारी किल्लत है, जिससे दैनिक कार्यों में भी समस्या आ रही है। आक्रोशित छात्र इस कदर आक्रामक थे कि वे रविवार की छुट्टी होने के बावजूद कलेक्टर से मिलने की जिद पर अड़े रहे। मौके पर पहुंचे तहसीलदार गौरी शंकर बैरवा ने छात्रों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन छात्र कलेक्ट्रेट परिसर से हटने को तैयार नहीं थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार अपनी गाड़ी में बैठाकर कुछ छात्र प्रतिनिधियों को कलेक्टर बंगले ले गए, जहाँ उनकी मुलाकात करवाई गई।

प्रशासन द्वारा छात्रों को आश्वस्त किया गया है कि मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है, जिसमें पारदर्शिता के लिए दो छात्रों को भी शामिल किया गया है।छात्रों ने यह भी खुलासा किया कि जब भी कोई अधिकारी निरीक्षण के लिए आता है, तो प्रिंसिपल को इसकी सूचना पहले ही मिल जाती है और उस दिन दिखावे के लिए सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी जाती हैं। लेकिन निरीक्षण खत्म होते ही अगले दिन से स्थिति फिर वैसी ही हो जाती है। फिलहाल प्रशासन ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है, लेकिन छात्रों का कहना है कि जब तक प्रिंसिपल को हटाया नहीं जाता और शौचालय व पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं ठीक नहीं होतीं, वे अपना विरोध जारी रखेंगे।

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