
देहरादून। एम्स कल्याणी में सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के अध्यक्ष प्रो. डॉ. वाई.के. गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में पद्मश्री प्रो. डॉ. बी.के.एस. संजय (अध्यक्ष, एम्स गुवाहाटी), प्रो. डॉ. अरविंद सिन्हा (निदेशक, एम्स कल्याणी), आशीष मौर्य (एसपी, रानाघाट पुलिस जिला) सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पद्मश्री प्रो. डॉ. बी.के.एस. संजय ने सड़क सुरक्षा विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि लगभग 90 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएँ चालक की लापरवाही का परिणाम होती हैं और असावधानी मूलतः एक व्यवहारिक समस्या है। उन्होंने युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित करने हेतु ऐसे कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि व्यवहार परिवर्तन जीवन के किसी भी चरण में संभव है।
प्रो. संजय ने यह भी रेखांकित किया कि देश में बड़ी संख्या में शैक्षणिक संस्थान होने के बावजूद औपचारिक ड्राइविंग स्कूलों की उपलब्धता आवश्यकता के अनुरूप नहीं है। उन्होंने ड्राइविंग को एक अनिवार्य जीवन कौशल बताते हुए कहा कि शिक्षा, रोजगार और दैनिक जीवन की अनेक गतिविधियाँ सुरक्षित वाहन संचालन की क्षमता से जुड़ी हैं।
उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं को गंभीर जनस्वास्थ्य चुनौती बताते हुए नीति-निर्माताओं से अपील की कि एम्स जैसे संस्थान अपने-अपने क्षेत्रों में नोडल एजेंसी की भूमिका निभाकर सड़क सुरक्षा जागरूकता को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा दे सकते हैं। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक आर्थोपेडिक सर्जन प्रो. संजय ने यातायात नियमों के कड़ाई से पालन और जिम्मेदार सड़क व्यवहार की आवश्यकता दोहराई।
अपने संदेश का सार प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा, ड्राइविंग एक कौशल है, सुरक्षा एक आदत,दोनों मिलकर जीवन बचाते हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत 500 से अधिक विद्यार्थियों ने साइकिल रैली में भाग लेकर सड़क सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुँचाया। व्याख्यान से प्रभावित उपस्थित जनों ने उन्हें खड़े होकर तालियों से सम्मानित किया।
