पश्चिमी गोलार्द्ध में अमेरिकी मातृभूमि की रक्षा होगी पेंटागन की नीति

वाशिंगटन, 24 जनवरी (वार्ता) अमेरिका के रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने अपनी 2026 की राष्ट्रीय रक्षा नीति (एनडीएस) का सार्वजनिक संस्करण जारी कर पश्चिमी गोलार्द्ध में अमेरिकी ज़मीन और अमेरिकी हितों की रक्षा को अन्य सैन्य प्राथमिकताओं से ऊपर रखा है।

इस रणनीति में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के बाकी तीन सालों के लिये अमेरिका के रक्षा विभाग की दूसरी प्राथमिकताओं के बारे में भी बताया गया है। इसमें सहयोगियों और साझेदारों के साथ “बोझ बांटना” और अमेरिका के रक्षा औद्योगिक आधार को “ताकतवर बनाना” शामिल है।

रणनीति में लिखा है, “जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है, अमेरिकी सेना की सबसे पहली प्राथमिकता अमेरिकी मातृभूमि की रक्षा करना है। इसलिए विभाग इसी पर प्राथमिकता देगा, जिसमें पूरे पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिका के हितों की रक्षा करना शामिल है।”

यह दस्तावेज़ ग्रीनलैंड का पांच बार ज़िक्र करते हुए इसे अमेरिका का “मुख्य इलाका” बताता है और अमेरिकी पहुंच सुनिश्चित करने का वादा करता है। दस्तावेज़ में लिखा है, “हम मुख्य इलाकों, खासकर पनामा नहर, अमेरिका की खाड़ी और ग्रीनलैंड तक अमेरिकी सैन्य और व्यावसायिक पहुंच की गारंटी देंगे।”

श्री ट्रंप ने 2025 में सत्ता में लौटने के तुरंत बाद मेक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर “अमेरिका की खाड़ी” कर दिया था, हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभी भी इसे इसके पुराने नाम से ही जाना जाता है। श्री ट्रंप ने बार-बार यह भी सुझाव दिया है कि अमेरिका को पनामा नहर पर फिर से नियंत्रण हासिल करने पर विचार करना चाहिये। उन्होंने इस सप्ताह तक ग्रीनलैंड में सेना के इस्तेमाल से इनकार नहीं किया था।

रणनीति में कहा गया है कि पेंटागन यह सुनिश्चित करेगा कि कनाडा से लेकर मध्य और दक्षिण अमेरिका के देशों तक अमेरिका के पड़ोसी “हमारे साझा हितों की रक्षा के लिये अपनी हिस्सेदारी निभाएं।” रणनीति में चेतावनी दी गयी है कि “जहां वे ऐसा नहीं करेंगे, अमेरिका केंद्रित, निर्णायक कार्रवाई करने के लिये तैयार रहेगा जो ठोस रूप से अमेरिकी हितों को आगे बढ़ाएगी।”

यह दस्तावेज़ ‘अमेरिकी मातृभूमि’ की हवाई और मिसाइल रक्षा पर भी ज़ोर देता है, जिसमें अन्य ड्रोन-विशिष्ट रक्षा उपायों के साथ “गोल्डन डोम” मिसाइल रक्षा प्रणाली के विकास का आह्वान किया गया है। यह रणनीति विदेशों में अमेरिकी सैन्य प्रतिबद्धताओं में बदलाव का संकेत देती है और सहयोगियों से क्षेत्रीय सुरक्षा के लिये ज्यादा ज़िम्मेदारी लेने का आग्रह करती है।

रणनीति में कहा गया है, “हमारे नाटो सहयोगी यूरोप की पारंपरिक रक्षा के लिये प्राथमिक ज़िम्मेदारी लेने के लिये मज़बूत स्थिति में हैं। अमेरिकी समर्थन मजबूत, लेकिन पहले से ज्यादा सीमित होगा।” रणनीति में यह भी कहा गया कि यूरोपीय देश यूक्रेन की रक्षा में भी अग्रणी भूमिका निभाएंगे।

दस्तावेज़ में कहा गया है कि चार साल से चल रहे रूस-यूक्रेन संघर्ष को खत्म करना “सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण रूप से यूरोप की ज़िम्मेदारी है,” क्योंकि आने वाले वर्षों में यूक्रेन और यूरोप की रक्षा के लिये अमेरिकी समर्थन “अधिक सीमित” होगा।

आमतौर पर अमेरिका की राष्ट्रीय रक्षा नीति का अनुसरण करने वाला दस्तावेज़ एनडीएस हर प्रशासन में एक बार जारी किया जाता है। यह राष्ट्रपति के कार्यकाल के लिये सैन्य प्राथमिकताएं तय करता है, जिससे भविष्य के बजट, सैन्य स्थिति के फैसले, गठबंधन की प्रतिबद्धताएं और रक्षा औद्योगिक निवेश तय होते हैं।

 

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