जबलपुर: श्रीजी वेयर हाउस में साढ़े तीन करोड़ रुपये से अधिक की धान के उपार्जन में हेराफेरी उजागर हुई है। मामले में खरीदी केंद्र के प्रभारी और कम्प्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ मझौली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। दरअसल मझौली स्थित श्रीजी वेयर हाउस में प्रशासनिक टीम ने छापेमारी की थी। जांच में पाया गया कि खरीदी केन्द्र प्रभारी रत्नेश भट्ट एवं कम्प्यूटर आपरेटर अमन सेन ने बिना धान भरायी तुलाई, सिंलाई एवं आर टू टी किये धान की मात्रा 14,934.50 क्वींटल तीन करोड़ तिरपन लाख उन्यासी हजार आठ सौ तीस रूपये की केन्द्र में आवक उपलब्धता के बिना ई उपार्जन पोर्टल पर आनलाईन फर्जी तरीके से एंट्री दर्ज करते हुए हेरा फेरी की है। इसके अलावा अन्य अनियमितताएं भी पाई गई थी। जिसको लेकर खाद्य विभाग ने अब प्रकरण दर्ज कराया है।
ये मिला गड़बड़झाला
प्रशसनिक टीम की छापेमारी के दौरान ई- उपार्जन पोर्टल अनुसार खरीदी केन्द्र में कुल खरीदी- 65,235.5 क्लिंटल धान खरीदी किया जाना पाया गया। खरीदी स्थल श्रीजी वेयरहाउस 136 में 13 जनवरी 2026 को धान से भरी हुई कुल 31 बोरियो की तौल कराने पर वारदाना सहित वजन 22 किलो से 38 किलो पाया गया। 31 धान भरी बोरियों का औसत वजन मात्रा 33.42 किलो मिला। 14 जनवरी को पुन: जांच में 45 धान से भरी बोरियों की तौल कराने पर औसत वजन 35 किलो मिला। जबकि नियमानुसार एक बोरी का वजन (बारदाना सहित) 40.580 किलो होना चाहिए। केन्द्र में प्ला सी अंतर्गत मैपिंग हुये श्रीजी वेयरहाउस पिपरिया, मझौली में 4125.45 क्विंटल धान (11787 बोरी) भण्डागरण पूर्ण किया जाना पाया गया चूंकि बोरी की तौल का औसत वजन 35 किलोग्राम पाया गया।
14,934.50 क्लिंटल कम पाई गई धान
जांच में पाया गया कि भगवती वेयरहाउस को 22,582.80 क्लिंटल भण्डानरित करते हुये कुल खरीदी मात्रा 65,235.54 क्विटल में से 45658.64 किंटल परिदान, भण्डारण पूर्ण किया होना पाया गया। जिसमे 19,576.9 क्लिंटल ऑनलाइन शेष परिदान मात्रा पाई गई। सत्यापन करने पर उपलब्ध धान मात्रा 14,934.50 क्लिंटल कम पाई गई।
बोरियों में नहीं था किसान कोड, स्टेकसिंल
जांच में धान से भरी बोरियों में किसान कोड एवं स्टेकसिंल लगी नहीं पाई गई। बारदाना गणना करने पर 87 गठान सहित 5000 लगभग खुला बारदाना परिसर में पाया गया। इस प्रकार उपार्जन केन्द्र में 48500 बारदाना पाया गया।
174 किसानों की 14505.20 किंटल खरीद एंट्री फर्जी
केन्द्र में आवक, उपलब्धाता के बिना ई-उपार्जन पोर्टल पर ऑनलाइन फर्जी खरीदी दर्ज कराते हुए हेरा-फेरी की गई है। ई-उपार्जन पोर्टल पर 174 किसानों की 14505.20 किंटल धान खरीदी की एन्ट्री को फर्जी बताया गया। केन्द्र प्रभारी रत्नेश भट्ट एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर अमन सेन ने मिलकर 3, 53, 79, 830 रूपये की शासकीय राशि की धान की हेरा-फेरी की है।
