
जबलपुर। उच्च न्यायालय, जबलपुर में बुधवार को सीनियर आदिवासी बालिका छात्रावास गढ़ा में संचालित हो रहे केंद्रीय विद्यालय से संबंधित जनहित याचिका पर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। यह सुनवाई मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा एवं न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ के समक्ष संपन्न हुई।
याचिकाकर्ता आदिवासी बहुजन अधिकार कल्याण संघ की ओर से अधिवक्ता रवींद्रनाथ चतुर्वेदी एवं अक्षरदीप ने प्रभावी पैरवी की।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष के अधिवक्ताओं ने न्यायालय को अवगत कराया कि विगत कई वर्षों से सीनियर आदिवासी बालिका छात्रावास परिसर में केन्द्रीय विद्यालय गढ़ा का संचालन किया जा रहा है, जिसके कारण छात्रावास में निवासरत आदिवासी बालिकाओं को आवास, सुरक्षा एवं शैक्षणिक वातावरण से संबंधित अनेक गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
मामले की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए न्यायालय ने कलेक्टर जबलपुर को निर्देशित किया कि अगली सुनवाई से पूर्व केंद्रीय विद्यालय गढ़ा को अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किए जाने हेतु भूमि/भवन की तलाश कर, उससे संबंधित फिजिबिलिटी रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जाए।
उक्त प्रकरण की अगली सुनवाई 10 फरवरी को नियत की गई है।
