रामायण में भगवान राम बने अरुण गोविल आज भी लोगों के लिए आस्था हैं। 68वें जन्मदिन पर जानिए वो किस्सा, जब एक फैन की डांट से उन्होंने सिगरेट की लत छोड़ दी।
टीवी और बॉलीवुड की दुनिया में कुछ चेहरे ऐसे होते हैं, जो सिर्फ अभिनेता नहीं बल्कि लोगों की आस्था का प्रतीक बन जाते हैं। अरुण गोविल उन्हीं चुनिंदा कलाकारों में से एक हैं। रामानंद सागर के ऐतिहासिक धारावाहिक ‘रामायण’ में भगवान श्रीराम का किरदार निभाकर उन्होंने ऐसी अमिट छाप छोड़ी कि आज 38 साल बाद भी लोग उन्हें उसी रूप में याद करते हैं। अभिनय से लेकर राजनीति तक सक्रिय अरुण गोविल आज अपना 68वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर हम आपको उनकी जिंदगी से जुड़ा एक ऐसा दिलचस्प किस्सा बता रहे हैं, जिसने उनकी एक बुरी आदत को हमेशा के लिए बदल दिया।
12 जनवरी 1958 को उत्तर प्रदेश के मेरठ में जन्मे अरुण गोविल ने अपने करियर की शुरुआत छोटे पर्दे से नहीं, बल्कि बॉलीवुड से की थी। साल 1977 में ताराचंद बड़जात्या की फिल्म ‘पहेली’ से उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद ‘सावन को आने दो’, ‘सांच को आंच नहीं’, ‘इतनी सी बात’, ‘हिम्मतवाला’ और ‘दिलवाला’ जैसी कई फिल्मों में उन्होंने काम किया। हालांकि, उन्हें असली पहचान मिली रामानंद सागर की रामायण से, जिसने उनकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी।
