नयी दिल्ली, 18 दिसंबर (वार्ता) परमाणु ऊर्जा विभाग में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को कहा कि भारत ने दुनिया को साल 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य दिया है और इस दिशा में बढ़ते हुए भरोसेमंद नवीकरणीय ऊर्जा के लिए परमाणु ऊर्जा को बढ़ावा देना जरूरी है।
श्री सिंह ने परमाणु ऊर्जा से जुड़े ‘शांति’ विधेयक, 2025 को राज्यसभा में चर्चा के लिए पेश करते हुए कहा कि भारत अब दूसरे देशों का अनुसरण करने की बजाय उन्हें राह दिखा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्ता में आने के कुछ ही समय बाद एक वैश्विक बैठक में दुनिया को 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य दिया था।
उन्होंने कहा, “हम भी उसी दिशा में काम कर रहे हैं। आत्मनिर्भर भारत के लिए भी जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना जरूरी है। एआई जैसी तकनीकों के बढ़ने के साथ डाटा सेंटरों के लिए चौबीसों घंटे भरोसेमंद बिजली आपूर्ति की जरूरत है। दूसरे नवीकरणीय स्रोतों से चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति की गारंटी नहीं रहती। इसलिए परमाणु ऊर्जा की जरूरत होगी।”
उल्लेखनीय है कि भारत के बदलाव के लिए परमाणु ऊर्जा का सतत दोहन और वृद्धि विधेयक, 2025 (शांति विधेयक) 17 दिसंबर को लोकसभा में पारित किया गया था।
परमाणु ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए मौजूदा सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि साल 2013-14 में परमाणु ऊर्जा विभाग का बजट मात्र 13,879 करोड़ रुपये था जो 10 साल बाद बढ़कर 37,483 करोड़ रुपये हो गया है। मौजूदा सरकार ने साल 2015 में परमाणु उर्जा क्षेत्र में निजी क्षेत्र को संयुक्त उपक्रम में प्रवेश की अनुमति दी थी।
