
ब्यावरा। कलमकार परिषद के द्वारा स्थानीय सुभाष चौक में विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें जाने-माने कविगणों ने हास्य, व्यंग्य, श्रंगार, ओज से ओतप्रोत रचना पाठ कर खूब वाहवाही बटोरी. कवि सम्मेलन देर रात्रि तक चला.
इंदौर से आयी कवयित्री शीतल देवयानी ने सुमधुर सरस्वती वंदना प्रस्तुत की. मालवी कवि राजेंद्र जैन (कनासिया) एवं कवि सम्मेलन के सूत्रधार कवि डालचंद मनमौजी ने अपनी हास्य रचनाओं से श्रोताओं को खूब हंसाया.
कवि सम्मेलन का संचालन कर रहे पंडित अशोक नागर शाजापुर ने देर तक धाराप्रवाह काव्य पाठ किया. उन्होंने अपनी हाजिरजवाबी, त्वरित टिप्पणीयों ने पूरे समय श्रोताओं को बांधे रखा.
नगर के श्रंगारिक गीतकार कन्हैया राज ने अपनी गजल खूबसूरत नजारा रहा है, साथ जब जब तुम्हारा रहा है, दूर जबसे हुए हो तभी से नीर आँखों में खारा रहा है पेश कर खूब वाहवाही लूटी. उज्जैन से आये ओजस्वी कवि दिनेश अनल ने अपनी ओजपूर्ण रचनाओं से खूब जोश भरा.
काँटाफोड से आये गीतकार मनोज दुबे ने अपने गीत बहुत याद आती है पापा तुम्हारी… सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया. शुजालपुर से आये मालवी कवि मनोहर मसखरा ने श्रोताओं को खूब हंसाया. कालापीपल से आयी कवयित्री प्रियांशी पाटीदार ने अपनी श्रंृगारिक रचनाओं से समां बांध दिया. कवि गोपाल दुस्तर ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं पर अनूठी छाप छोड़ी, खाचरोद के कवि सचिन निडर व आयोजक राजेंद्र खत्री साहिल ने भी शानदार रचना पाठ कर कवि सम्मेलन को ऊँचाईयों पर पहुंचाया. कवि सम्मेलन के अंत कवि राजेंद्र खत्री साहिल ने आभार माना.
