
भोपाल। कोलार पुलिस ने एक अंधे कत्ल का मामले को महज 6 घंटे के भीतर सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया. आरोपी ने खुद को बचाने के लिए डायल-112 पर एक्सीडेंट की फर्जी सूचना पुलिस दी, लेकिन पुलिस की सूझबूझ और तकनीकी जाँच ने हत्या का राज खोल दिया.
डीसीपी जोन 4 मयूर खण्डेलवाल ने बताया कि सोमवार को देर रात डायल-112 पर सूचना मिली कि सर्वधर्म कॉलोनी, अंग्रेजी शराब दुकान के पास एक व्यक्ति का किसी अज्ञात वाहन ने एक्सीडेंट कर दिया है और शव मौके पर पड़ा है. मौके पर पुहंची पुलिस ने घटना की जांच शुरू की.
घटनास्थल के निरीक्षण और शव पंचनामा के दौरान पुलिस को यह घटना संदिग्ध लगी. मौके पर एक्सीडेंट का कोई साक्ष्य नहीं मिला, जबकि मृतक के सिर पर चोटों के निशान थे, जिससे हत्या की आशंका हुई. एफएसएल टीम ने भी जाँच में पाया कि मृतक की मृत्यु एक्सीडेंट से नहीं, बल्कि हत्या से हुई है. डीसीपी ने बताया कि पुलिस ने तत्काल मुखबिर तंत्र और सोशल मीडिया की मदद से मृतक की पहचान कन्हैया सिंह लोधी (48) निवासी गांधी नगर के रूप में की है. जाँच के दौरान, डायल-112 को फोन करने वाले व्यक्ति को टावर लोकेशन के आधार पर हिरासत में लिया गया. उसने अपना नाम नीतेश विश्वकर्मा उर्फ नन्ना (25) निवासी दाखेडा कोलार बताया. डीसीपी ने बताया कि शुरुआत में नीतेश पुलिस को लगातार गुमराह करता रहा और एक्सीडेंट की फर्जी कहानी दोहराता रहा. हालांकि, घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी अनुसंधान और पुलिस की बारीक पूंछताछ के सामने आरोपी ने आखिरकार अपना जुर्म कबूल कर लिया.
आरोपी नीतेश विश्वकर्मा ने बताया कि उसकी बहन ने कुछ साल पहले आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक कन्हैया लोधी शराब पीकर अक्सर उसे गालियाँ देता था और उसकी बहन के चरित्र पर व्यंग्य करता था.
आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि देर रात भी जब मृतक ने यही बातें दोहराई, तो गुस्से में आकर नीतेश ने पत्थर से सिर कुचलकर कन्हैया लोधी की हत्या कर दी. पकड़े जाने से बचने के लिए उसने एक्सीडेंट की झूठी कहानी बनाई और डायल-112 पर फर्जी सूचना दी.
