
मोहनगढ़। शासकीय महाविद्यालय मोहनगढ़ प्रबंधन को असुरक्षा महसूस हो रही है। प्राचार्य गणेश प्रसाद अहिरवार ने बताया कि महाविद्यालय के बंद होते ही अराजक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है इसका कारण महाविद्यालय में बाउंड्री वॉल ना होना है।
जिसकी वजह से बच्चे असुरक्षित महसूस करते हैं। आए दिन महाविद्यालय की बिल्डिंग के आस पास एवं मुख्य द्वार पर बियर की बोतले एवं शराब के खाली पाउच देखने को मिलते है। अराजक तत्वों के द्वारा शराब के नशे में सरकारी संपत्ति को भी क्षति पहुंचाई जा रही है। जिसकी शिकायत संबंधित थाने में कर बताया गया कि कांच की खिड़कियों के साथ तोड़फोड़, ट्यूब लाइटे भी निकाल ली गई है। महाविद्यालय में अध्यनरत छात्राएं इस वजह से ना तो शौचालय जा पाते हैं और ना ही पीने का पानी लेने।
इसी विषय को लेकर जब महाविद्यालय प्राचार्य अहिरवार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि नवनिर्मित भवन निर्माण के समय भौतिक सत्यापन में भी पानी एवं बिजली की समस्या स्पष्ट हुई थी और ठेकेदार के द्वारा समय पर इसे पूरा करने को लेकर महाविद्यालय प्रबंधन को आश्वस्त किया था।
महाविद्यालय की व्यवस्थाओं के संबंध में बात की गई तो बताया गया कि सबसे बड़ी समस्या यहां पर सुरक्षा के इंतजाम न होना है साथ ही पीने के पानी की भी बड़ी समस्या है महाविद्यालय में पानी न होना थी,
लेकिन आज तक समस्या जस की तस बनी हुई है। जिससे प्रबंधन एवं बच्चे परेशान हैं। प्राचार्य ने सुरक्षा की दृष्टि से महाविद्यालय के चारों तरफ बाउंड्री निर्माण कराए जाने की मांग की है।
