ओलंपियाड में आए बच्चों को पूड़ी-सब्जी और मिठाई की जगह कागज में पकड़ाया 1-1 समोसा-जलेबी

सतना: केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं-कार्यक्रमों की परिणिति जिला स्तर तक पहुंचते-पहुंचते क्या हो जाती है, इसकी एक बानगी मंगलवार को आयोजित ओलंपियाड प्रतियोगिता परीक्षा में देखने को मिली. जारी आदेश में भले ही परीक्षा में शामिल होने वाले सभी बच्चों को बाकायदा बैठाकर पूड़ी-सब्जी और मिठाई खिलाने का उल्लेख रहा हो. लेकिन उक्त आदेश को ताक पर रखते हुए स्थानीय जिम्मेदारों ने बच्चों को 1-1 समोसा-जलेबी कागज में लपेटकर थमा दी.

प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के छात्रा-छात्राओं के लिए राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा ओलंपियाड प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन कराया जाता है. जिला स्तर पर इस परीक्षा की जिम्मेदारी जिला शिक्षा केंद्र के जिला परियोजना समन्वयक पर होती है. सत्र 2025-26 के लिए ओलंपियाड प्रतियोगिता पहले 4 नवंबर को होनी थी. लेकिन कक्षा 9 से लेकर 12 तक के विद्यार्थियों की अर्ध वार्षिक परीक्षा को देखते हुए उक्त प्रतियोगता की तिथि बदलकर 18 नवंबर कर दी गई.

लिहाजा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को शहर के पीएम श्री शासकीय व्यंकट क्र. 2 उमावि में ओलंपियाड प्रथम चरण की प्रतियोगिता आयोजित की गई. इस परीक्षा में कक्षा 2 से लेकर कक्षा 8 तक के जिले भर से आए सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया. मामले का काबिलेगौर पहलू यह रहा कि प्रतियोगिता परीक्षा के आयोजन के दौरान की जाने वाली सभी तरह की व्यवस्थाएं दम तोड़ती नजर आईं. प्रतियोगिता परीक्षा के लिए भले ही राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा अच्छा-खासा बजट उपलब्ध कराया गया हो. लेकिन प्रत्येक स्तर पर व्यवस्थाओं में खासी कटौती देखने को मिली.

इस मामले में सबसे अधिक अन्याय बच्चों के साथ होता नजर आया. राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा जारी आदेश में इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया गया था कि ओलंपियाड में शामिल होने वाले बच्चों को बैठाकर पूड़ी-सब्जी और मिठाई खिलाई जाएगी. लेकिन बैठाकर खिलाना तो दूर की बात है. सभी बच्चों को कागज में लपेटकर 1 समोसा और 1 जलेबी थमा दी गई. कुछ बच्चों को जलेबी के बजाए 1 लड्डू थमा दिया गया. चूंकि बच्चों को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं थी. लिहाजा जो कुछ भी मिला उन्होंने उसे खाकर अपनी भूख मिटाने का प्रयास किया.
 हर स्तर पर गड़बड़झाला
प्रतियोगिता स्थल पर सभी बच्चों को बैठाकर भोजन कराने के लिए राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा प्रति विद्यार्थी 30 रु की राशि निर्धारित की गई थी. इसी कड़ी में विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल, बैठक व्यवस्था, परीक्षा से जुड़े सदस्यों के लिए चाय और स्वल्पाहार की व्यवस्था की जानी थी. इतना ही नहीं बल्कि विद्यार्थियों के अभिभावकों के लिए भी पेयजल और बैठक व्यवस्था करनी चाहिए थी. जिसके लिए 1500 रु की राशि निर्धारित थी. इसके अलावा किराए के वाहनों के लिए 20 हजार रु की सीमा निर्धारित थी. लेकिन आयोजित ओलंपियाड में दम तोड़ती नजर आई व्यवस्थाओं ने बीआरसी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए

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