
देवास/नेमावर । नर्मदा नाभि तीर्थ स्थल नेमावर के सिद्धनाथ घाट,क्षीर सागर घाट ,नागर घाट सहित ब्राह्मण घाट, पेड़ी घाट ईमलीघाट तथा नर्मदा जामनेर संगम स्थल स्थित मेल घाट पर सैकड़ों नर्मदा भक्तो ने कार्तिक पूर्णिमा पर आस्था की डुबकी लगा एक माह चले ब्रह्म बेला में किया जाने वाले कार्तिक मास स्नान का समापन । कार्तिक स्नान की समापन बेला की पूर्व संध्या मंगल बार से ही भक्तो का स्नान के लिए घाट पर आना प्रारंभ हो गया था । महिला भक्तो ने मंगलवार की शाम में मां नर्मदा को दीप दान किया तथा मध्य रात्रि 12 बजे श्री हरि स्वरूप भगवान सिद्धनाथ को तुलसी दल अर्पण किए । सिद्धनाथ मंदिर गादी के महंत संदीप पूरी ने बताया कि प्रति वर्षानुसार हरिहर मिलन की पवित्र बेला में भगवान सिद्धनाथ का मध्य रात्रि में महा पूजन जलाभिषेक कर वेल पत्र एवं तुलसी दल अर्पण कर भगवान की महा आरती की जाती है इस हरिहर मिलन की बेला में सैकड़ों श्रद्धालु भक्त हरिहर स्वरूप भगवान सिद्धनाथ को तुलसी दल ,बेल पत्र चढ़ा कर अपने कार्तिक माह पर्व के अनुष्ठान की पूर्णाहुति करते है । इस अवसर पर हजारों महिलाएं ग्रामीण अंचल से इस पुनीत पर्व पर एकत्र हो भगवान को तुलसी दल अर्पण के साथ तुलसी मंजरी से भगवान का श्रृंगार करती है तथा रात्रि जागरण कर हरिहर स्वरूप भगवान श्री हरिहर के भजन कीर्तन कर रात्रि जागरण करती है तथा ब्रह्मकाल की पावन बेला में कार्तिक पूर्णिमा पर्व का स्नान कर भगवान सिद्धनाथ ,गणपति ,पिंगलेश्वर ,ऋण मुक्तेश्वर का जलाभिषेक कर ,सुख ,सौभाग्य ,आरोग्य ,की मंगल कामना के साथ ब्राह्मणों ,गरीबों, अपाहिजो को धन धन्य , वस्त्र ,आदि का दान करती है । देव उत्थान एकादशी से पूर्णमासी तक चलने वाले इस पांच दिवसीय पवित्र पर्व का पूर्णिमा को समापन होता है इस पांच दिवसीय पर्व स्नान के लिए सैकड़ों की संख्या में महिलाएं शामिल होती है ।
नगर की प्राचीन परंपरानुसार रामा बाबा देव स्थान पर ग्यारसो दीपो से बाबा के स्थान को सजाया गया पंडित मुकेश व्यास ने बताया कि रामा बाबा देव स्थान पर पंडित सत्यनारायण तिवारी के आचार्यत्व में बाबा की महा पूजन , जलाभिषेक किया जाएगा तथा रात्रि मां नर्मदा में दीपदान किया जाएगा। इसी प्रकार दाना बाबा देव स्थान पर भक्तो द्वारा पूजा अर्चन कर मडिया पर दीप रोशनी किया जाएगी ।
