
जबलपुर। नागपुर सड़क हादसे में जान गंवाने वाले तीन जिगरी यारों के शव आज पहुंचे तो मातम पसर गया। जब शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था तो माहौल और भी गमगीन हो गया, वहां मौजूद हर आंख नम हो गई, भीगी आंखों से लोग यह भी कहते नजर आए कि साथ जिए, साथ मरे और एक साथ मुक्तिधाम में तीनों दोस्तों का अंतिम संस्कार हुआ।
उल्लेखनीय है कि जबलपुर- नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर देवलापार थाना अंतर्गत वडाम्बा समीप कल दोपहर बस क्रमांक एमपी-22, जेडजी-5822 नागपुर की ओर आ रही थी। इसी बीच नागपुर से जबलपुर जा रही कार क्रमांक एमपी-20, जेडए 0014 के सामने अचानक एक बाइक आ गई जिसे बचाने के चक्कर में हादसा हो गया। खड़े ट्रक क्रमांक आरजे-11, जीसी-6663 से बस टकरा गई। इस दौरान कार भी दोनों वाहनों में घुस गई। कार सवार कपिल मोहनलाल सहानी (50) निवासी गोरखपुर रोड, जबलपुर, अमित अनिल अग्रवाल (51) तिलहरी, जबलपुर और संदीप केदारनार्थ सोनी (51) भेड़ाघाट रोड, जबलपुर की मौत हो गई थी। जबकि 12 लोग घायल है। मृतक तीनों जिगरी दोस्त थे और वह काम के सिलसिले में नागपुर गए थे, तीनों दोस्त वापिस लौट रहे थे। घर लौटने की खुशी थी। परिजन भी इंतजार कर रहे थे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। खुशियां मातम में बदल गई।
सदमे में परिवार:
एक साथ तीन दोस्तों की मौत के बाद उनके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। मृतक अमित की पत्नी शिखा पति का शव देख बार-बार बेहोश हो रही थी, बार-बार वह अपने पति को पुकार रही थी, जबकि बेटी अक्षिता और बेटा आरुष सदमे में हैं। बताया जाता है कि अक्षिता ऑस्ट्रेलिया से पढ़ाई कर लौटी थी। वहीं मृतक कपिल की मौत के बाद उनकी पत्नी चारु साहनी का रो-रोकर बुरा हाल है जबकि कपिल के दो बच्चे सार्थक 15 वर्षीय और सिद्धि 12 वर्षीय के सर से पिता का साया उठ गया है, वह यकीन नहीं कर पा रहे कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। वही संदीप सोनी की मौत के बाद उनकी पत्नी प्रीति बदहवास हो गई। बताया जाता है कि पत्नी ने फोन किया था तो पति ने कहा था कि मैं शाम तक लौट रहा हूं लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
हाथीताल मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार
तीनों दोस्तों के शव एम्बूलेंस से उनके आवास तक पहुंचे तो परिजनों, रिश्तेदारों, कारोबारियों के बीच चीख-पुकार मची रही। हाथीताल मुक्तिधाम में तीनों दोस्तों का अंतिम संस्कार किया गया। युवा व्यापारियों की मौत के बाद से शहर के कारोबारी जगत में शोक की लहर है।
