
भोपाल। अरब सागर में बने डिप्रेशन, बंगाल की खाड़ी के डीप डिप्रेशन और उत्तरी हिस्से में सक्रिय चक्रवात के असर से मध्यप्रदेश का मौसम पूरी तरह बदल गया है। राजधानी भोपाल में दिन का तापमान गिरकर 23 डिग्री तक पहुंच गया। गुरुवार को सुबह निवाड़ी और टीकमगढ़ में तेज बारिश हुई, जबकि डिंडौरी में रिमझिम फुहारें और रायसेन में कोहरा छाया रहा। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में तेज हवाओं के कारण ठंडक बढ़ी है।
मौसम विभाग के अनुसार, इन सिस्टम्स का असर अभी रहेगा। खासकर पूर्वी और दक्षिणी मध्यप्रदेश में बारिश की तीव्रता अधिक रहेगी। सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में अगले 24 घंटे में ढाई से साढ़े चार इंच तक बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, जबलपुर, कटनी और पन्ना में हल्की बारिश व आंधी-गरज की स्थिति बनी रह सकती है।
इधर, अरब सागर में सक्रिय तूफान मोंथा के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में हवा की रफ्तार बढ़ गई है, जिससे ठंडक में इजाफा हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि नवंबर से सर्दी का दौर और तेज होगा, जो इस बार फरवरी तक चलने की संभावना है।
गुरुवार को राजधानी में कोहरा और धुंध छाई रही। सुबह 8:30 बजे तक विजिबिलिटी सिर्फ 800 मीटर दर्ज की गई। हवा की रफ्तार करीब 22 किमी प्रति घंटे रही और रुख उत्तरी होने से दिनभर ठंडक महसूस की गई। अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 1 और 2 नवंबर को भी कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। मानसून की विदाई के बाद भी सिस्टम सक्रिय रहने से नवंबर की शुरुआत ठंडी और नम मौसम के साथ हो रही है।
