आदिवासी दीपावली: एक माह तक चलने वाला उत्सव, जहां संस्कृति और जगमगाती है एकता

बैतूल: जिले के आदिवासी अंचलों में दीपावली सिर्फ एक दिन का पर्व नहीं, बल्कि पूरे एक माह तक चलने वाला सांस्कृतिक उत्सव है। हर गांव अपनी परंपरा के अनुसार दीपावली मनाता है, जिसमें शामिल हैं खुशियों की उमड़ती लहर, संगीत की थाप और पुरखों की यादों से भरी रस्में।गांव के भगत (मुखिया) तय करते हैं कि दीपावली किस दिन मनाई जाएगी। गुरु पूर्णिमा से लेकर दीपावली तक वे हरी सब्ज़ी और हरी मिर्च तक का सेवन नहीं करते, अपनी पुस्तैनी परंपरा का पालन करते हैं। आदिवासी समाज में निमंत्रण कार्ड या मोबाइल संदेश नहीं चलते स्नेह और परंपरा से भरे पीले चावल के दानों के माध्यम से परिवार और रिश्तेदारों को आमंत्रित किया जाता है।

दीपावली के दिन सुबह-सुबह लोग नए मटकों में पानी भरकर लाते हैं, महिलाएं मिट्टी के दीयों में दीपक जलाती हैं और पूरे गांव में उजाला फैल जाता है। पशुओं को भी इस दिन खास ध्यान दिया जाता है—गाय, बैल और बछड़ों को नहलाया जाता है, उनके सींगों को रंगों से सजाया जाता है और गले में घंटियां और मोरपंख पहनाए जाते हैं।
गांव के चौपाल में खिचड़ी बनाई जाती है, जिसे पहले गौमाता को अर्पित किया जाता है और फिर सभी मिल-बांटकर ग्रहण करते हैं।

शाम ढलते ही डंडार नृत्य और गायकी की धुनों से वातावरण जीवंत हो उठता है। युवक-युवतियाँ पारंपरिक पोशाक में सजे-धजे ढोल-मांदर की थाप पर नाचते हैं, जबकि बुजुर्ग गीतों में पुरखों की स्मृति और जीवन की सीख साझा करते हैं।आदिवासी समाज के वरिष्ठ रामदीन उइके कहते हैं, हमारी परंपरा हमारी पहचान है। इसलिए हर गांव अपनी दीपावली अपनी तिथि पर मनाता है, अपनी खुशी और अपनी आत्मा के रंग के साथ।यह महीना केवल उत्सव का नहीं, बल्कि संबंध, आस्था और संस्कृति को संजोने का समय है। मिट्टी के दीयों की रोशनी यह संदेश देती है,जहां परंपरा जीवित है, वहां समाज जीवंत है।

Next Post

हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त कर्मचारी के सेवा विस्तार को वैध माना, याचिका खारिज, 60 वर्ष तक सेवा की अनुमति

Thu Oct 23 , 2025
ग्वालियर: हाईकोर्ट ग्वालियर की एकल बेंच ने परिवहन निगम के एक सेवा निवृत्त कर्मचारी के सेवा विस्तार दिये जाने के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति आशीष श्रोती की पीठ ने अपने फैसले में कहा है कि जब राज्य शासन की स्वीकृति के आधार पर नियुक्ति या विस्तार […]

You May Like