
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2025: अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में सोने की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगभग 10% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके चलते कई अर्थशास्त्रियों ने बड़ी आर्थिक उठा-पटक के संकेत दिए हैं। यूरोपी पैसिफ़िक ऐसेट मैनेजमेंट के मुख्य अर्थशास्त्री शिफ़ ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि सोना यदि $4,370 डॉलर से ऊपर रहता है, तो यह वैश्विक संकट का संकेत हो सकता है। इस तेज़ी का असर भारत समेत दुनिया भर में दिखाई दे रहा है, जहाँ घरेलू सोने की कीमतें दिवाली से पहले रिकॉर्ड ऊँचाई पर पहुँच गई हैं।
इस साल अब तक, सोने के दाम में लगभग 70% की अभूतपूर्व तेज़ी आई है, जबकि एसएंडपी 500 इंडेक्स में केवल मामूली 8% वृद्धि हुई है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के एमडी सचिन जैन ने बताया कि यह उछाल बढ़ती वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता में सुरक्षित निवेश की मांग के कारण आया है। अमेरिका-चीन व्यापार तनाव, फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की बढ़ती अटकलों, भू-राजनीतिक जोखिम और केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी ने निवेशकों को सोने की ओर आकर्षित किया है।
हालांकि, विश्लेषकों ने यह राय ज़ाहिर की है कि अगले सप्ताह सोने की कीमतों में कुछ हद तक स्वस्थ गिरावट देखने को मिल सकती है। इसका कारण यह है कि रिकॉर्ड तोड़ दाम तक पहुँचने के बावजूद, त्यौहारों के बाद माँग कम होने की संभावना है। वैश्विक और घरेलू बाज़ारों में नई ऊँचाइयों को छूने के बाद निवेशकों की सतर्कता बढ़ गई है, जिससे सोने की कीमतों में और अचानक उठाव आने की आशंका है। निवेशकों ने अब अपने निवेश को लेकर एक नई रणनीति बनाना शुरू कर दिया है।
