कॉनकास्ट स्टील केस में 133 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क

नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने कॉनकास्ट स्टील एंड पावर लिमिटेड (सीएसपीएल) और उसके प्रमोटर संजय सुरेका के खिलाफ चल रही जाँच में 133.09 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियाँ कुर्क की हैं। ये संपत्तियाँ 10 अक्टूबर को ज़ब्त की गयी हैं।

ईडी ने केंद्रीय जाँच ब्यूरो, बैंक प्रतिभूति एवं धोखाधड़ी शाखा (बीएसएफबी), कोलकाता द्वारा दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अपनी जाँच शुरू की।

प्राथमिकी में सीएसपीएल और उसके निदेशकों/प्रवर्तकों पर धोखाधड़ी गतिविधियों के माध्यम से बैंकों और वित्तीय संस्थानों से 6,210.72 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है, जिसमें धन की हेराफेरी और गबन, बढ़ा-चढ़ाकर स्टॉक विवरण प्रस्तुत करना और बैलेंस शीट में हेरफेर शामिल है।

जाँच में यह बात सामने आयी कि संजय सुरेका ने अपने रिश्तेदारों, कर्मचारियों, करीबी सहयोगियों और अपने नियंत्रण वाली छद़म संस्थाओं के नाम पर व्यवस्थित रूप से अचल संपत्तियाँ खरीदीं। यह भी पता चला कि बैंकों से प्राप्त ऋण राशि को उनकी समूह कंपनियों के माध्यम से बीडीजी समूह की कंपनियों के डिबेंचर खरीदने के लिए लगाया किया गया था, जिन्हें बाद में इक्विटी शेयरों में बदल दिया गया।

यह इस मामले में पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले सीएसपीएल, उसके प्रमोटर संजय सुरेका और यूको बैंक के पूर्व सीएमडी सुबोध गोयल से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं की 612.71 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की जा चुकी हैं।

अभियोजन पक्ष की ओर से 15 फ़रवरी, 2025 को एक शिकायत दर्ज की गयी, जिसके बाद 11 जुलाई, 2025 को एक पूरक शिकायत दर्ज की गई। संजय सुरेका और अनंत कुमार अग्रवाल को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार कर लिया है और वे इस समय न्यायिक हिरासत में हैं।

सूत्रों ने बताया कि जाँच में सीएसपीएल द्वारा अर्जित आपराधिक आय को बढ़ाने में शामिल कई कंपनियों के साथ कई वित्तीय लेन-देन का खुलासा हुआ है।

इन कंपनियों, उनके निदेशकों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की विस्तृत जाँच की जा रही है ताकि धन शोधन प्रक्रिया में उनकी भूमिका का पता लगाया जा सके और अवैध धन के प्राप्त करने वालों लोगों की कड़ियों का खुलासा किया जा सके।

 

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