जबलपुर: वेटेरिनरी विश्वविद्यालय (वीयू) में चल रहे पशु आंतरिक एवं प्रतिरोधक औषधि विषयक छठवें वार्षिक अधिवेशन एवं राष्ट्रीय सम्मेलन 2025 के दूसरे दिन का आयोजन उत्साहपूर्वक और वैज्ञानिक ऊर्जा से परिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। दिन की शुरुआत कम्पैनियन एनिमल इंटरनल मेडिसिन सत्र से हुई, जिसमें देश के ख्यातनाम विशेषज्ञों ने दो लीड पेपर प्रस्तुत किए।
इन शोधपत्रों में पालतू पशुओं की आंतरिक बीमारियों और प्रतिरोधक औषधि विज्ञान में हालिया प्रगति एवं प्रमुख चुनौतियों पर विचार साझा किया गया।इसके पश्चात आयोजित फार्म एनिमल प्रिवेंटिव मेडिसिन सत्र में भी दो लीड पेपर के साथ कुल 31 शोध सारांश प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों ने झुंड प्रबंधन, रोग नियंत्रण तथा फार्म स्तरीय जैव-सुरक्षा के नए दृष्टिकोणों को रेखांकित किया। तीसरे सत्र में कम्पैनियन एनिमल प्रिवेंटिव मेडिसिन पर व्यापक चर्चा हुई। इसमें तीन मुख्य शोध पत्रों के साथ 43 शोध सारांश प्रस्तुत किए गए। उभरते जूनोटिक रोग, पालतू पशुओं की निवारक देखभाल तथा हेल्थ प्रोटोकॉल जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
विभिन्न विषयों पर शोध कार्य प्रस्तुत
इसके अतिरिक्त एक पोस्टर सत्र का भी आयोजन हुआ, जिसमें देशभर से आए शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने विभिन्न विषयों पर अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए। जिसमें फार्म प्रिवेंटिव मेडिसिन – 41, फार्म इंटरनल मेडिसिन – 20, कम्पैनियन प्रिवेंटिव मेडिसिन – 52, कम्पैनियन इंटरनल मेडिसिन – 54, अल्टरनेटिव मेडिसिन – 38
सहयोग और ज्ञान-साझाकरण को दिया नया आयाम
पूरे दिन चले सत्रों में देशभर के पशु चिकित्सा वैज्ञानिकों, शिक्षकों और स्नातकोत्तर छात्रों ने भाग लिया। विचार-विमर्श और संवादों की इस श्रृंखला ने पशु स्वास्थ्य विज्ञान में नवाचार, अनुसंधान सहयोग और ज्ञान-साझाकरण को नया आयाम दिया। दिन के अंत में आयोजित उद्योग शैक्षणिक संवाद विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें औद्योगिक विशेषज्ञों और शिक्षाविदों के बीच पशु चिकित्सा विज्ञान में संभावित सहयोग, अनुसंधान अवसर और व्यावसायिक समावेशन पर सार्थक चर्चा हुई।
