
सुरेश पाण्डेय पन्ना। प्रणामी सम्प्रदाय के प्रमुख तीर्थ पद्मावतीपुरी धाम पन्ना में अन्तर्राष्ट्रीय शरद पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर देश विदेश के विभिन्न हिस्सों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। महामति श्री प्राणनाथ मंदिर में शरद पूर्णिमा की रात भक्ति भाव में डूबे श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाते हुए खूब नृत्य किया। जैसे ही मध्य रात्रि में बंगला दरबार साहब से श्री जी की सवारी रासमण्डल के लिये निकली, वैसे ही रास के रचइया की, श्री प्राणनाथ प्यारे के जयकारों से पन्ना नगरी गूंज उठी।
उल्लेखनीय है कि श्री प्राणनाथ ने सुन्दरसाथ को श्री राज जी-श्यामा की अलौकिक अखण्ड रासलीला, जागिनी रास का दर्शन कराया था। प्रणामी धर्म का सबसे पवित्र धाम श्री गुम्बट मन्दिर जिसका प्रांगण बृह्म चबूतरा कहा जाता है। यहीं पर श्री प्राणनाथ ने अपने परम स्नेही सुन्दरसाथ को श्री राज -श्यामा की अलौकिक अखण्ड रासलीला, जागिनी रास का दर्शन कराया था। इसीलिये इसे जागिनी लीला भी कहा जाता है। उसी समय से अन्तर्राष्ट्रीय शरदपूर्णिमा महोत्सव का यहां पर बड़े ही धूमधाम और भक्ति भाव के साथ आयोजन किया जाता है। श्रद्धालु यहां विराजमान साक्षात अक्षरातीत पूर्णबृह्म के अलौकिक रास के आनंद में सराबोर होते हैं। सोमवार पूनम की रात जैसे ही श्रीजी की भव्य सवारी बंगला जी दरबार साहब से रासमण्डल में आई तो वहां उपस्थित हजारों सुन्दरसाथ अपने पिया के साथ प्रेम रंग में डूब गये। यह अखण्ड रास का आयोजन पांच दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय शरदपूर्णिमा उत्सव के रूप में रात-दिन चलेगा।
शोभायात्रा बृह्म चबूतरे पर ही स्थित रासमण्डल में पधराई गई। श्री राज की शोभयात्रा की एक झलक पाने के लिये सुन्दरसाथ बेताब दिखे। देश के कोने-कोने से आये सुन्दरसाथ पारम्परिक वेशभूषा में सुसज्जित अपनी-अपनी बोलियों में भजन-कीर्तन करते नजर आये।
