
खिलचीपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का वार्षिक पथ संचलन नगर में उत्साह और अनुशासन के साथ निकला। नगर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए संचलन में स्वयंसेवकों की अनुशासित पंक्तियां नागरिकों का ध्यान खींचती रहीं। नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर और स्वागत द्वार लगाकर स्वयंसेवकों का मनोबल बढ़ाया।
संचलन दो स्थानों, सोमवारिया और इमली स्टैंड से प्रारंभ हुआ और नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए इमली स्टैंड पर दोनों संचालनों का संगम हुआ। इसके बाद यह कन्याशाला मैदान तक पहुंचा।
मुख्य वक्ता प्रांत कार्यवाह हेमंत सेठिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत भूमि प्राचीन काल से विश्व गुरु एवं सोने की चिड़िया रही है। उन्होंने कहा कि गौरवशाली इतिहास के बावजूद आत्मविस्मृति के कारण हिंदू समाज ने अपने पूर्वजों और परंपराओं को भूल लिया। उन्होंने संघ के संघर्ष, प्रतिबंधों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद निरंतर आगे बढ़ने का इतिहास भी साझा किया।
हेमंत सेठिया ने बताया कि संघ का लक्ष्य अब हर घर में स्वयंसेवक होना है। उन्होंने संघ के पंच परिवर्तन एवं शताब्दी वर्ष की योजनाओं की जानकारी दी और कहा कि समाज को समरसता, कुटुंब प्रबोधन, आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ एक दिशा में आगे बढ़ना होगा। इस दिशा में नवंबर में विशाल हिंदू सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा।
मुख्य अतिथि पंडित रोहित नागर ने संघ कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि संघ और संत सनातन धर्म और राष्ट्र को मजबूत करने में निरंतर कार्यरत हैं।
पथ संचलन में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक गणवेश में सुसज्जित होकर कदमताल करते हुए शामिल हुए। नगर की सड़कों पर उनका अनुशासित कदमताल राष्ट्रभक्ति और उत्साह से भरे वातावरण का साक्षी रहा।
