
नीमच। नीमच में चोर पुलिस को ठेंगा दिखाते हुए लगातार चोरी की वारदातें अंजाम दे रहे हैं। शहर के कई इलाकों से चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन पुलिस अभी तक किसी भी मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। सवाल यह है कि चोरी करने के बाद चोर अचानक कहां गायब हो जाते हैं और पुलिस इतनी खामोश क्यों है। शहर के अलग – अलग इलाको से लगातार चोरी की वारदाते सामने आ रही है वही गुरूवार को तीन बड़ी चोरी की वारदाते हुई है।
पहली चोरी –
बुधवार – गुरूवार की दरमियानी रात को चोरों ने सब्जी मंडी के पास स्थित दो दुकानों को निशाना बनाया। एक घटना में पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बाबू सलीम की दूकान में 70 हजार की चोरी की वारदात को अंजाम दिया 7 सीसीटीवी में चोरो की हरकत कैद हो गयी और केंट पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है।
दूसरी चोरी –
हाट मैदान में दिवांश कंफेक्शनरी के पर भी बुधवार – गुरूवार की रात ही चोरो ने चोरी की वारदात को सफल अंजाम दे दिया 7 दुकान मालिक हरीश आडवानी ने कहा कि मुझे सूचना अखबार बांटने वाले से ही मिली। जिसके बाद पुलिस को सुचना दी गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज लिए है। मेरी दुकान से 11 हजार रूपए नकद चुराए गए हैं । उम्मीद करते हैं पुलिस जल्द खुलासा करेगी।
तीसरी चोरी दिनदहाड़े हुई –
जवाहर नगर में गुरुवार दोपहर अज्ञात चोरों ने एक सूने मकान का ताला तोडक़र 60-70 हजार रुपए नगद, सोने-चांदी के आभूषण और शासकीय दस्तावेज चोरी कर लिए। घटना सीसीटीवी में कैद हुई है, जिसमें दो युवक मकान में प्रवेश करते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और चोरों की तलाश में विशेष टीम तैनात की गई है। वारदात के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर लोगों में दहशत का माहौल है।
चोर मस्त, पुलिस पस्त-
नीमच में यह सिर्फ हाल की ही चोरी नहीं है, बल्कि बीते दिनों कई जगह चोरी की वारदातें सामने आई हैं। लेकिन अफसोस की बात यह है कि नीमच पुलिस एक भी चोर को सलाखों के पीछे नहीं डाल पाई है। सवाल यह उठता है कि क्या नीमच में चोरों की कोई गैंग सक्रिय हो गई है और वे पुलिस को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं।
क्या है पुलिस की खामोशी का राज…
नीमच पुलिस आमतौर पर शहर की किसी भी घटना पर चंद घंटों में ट्रेस प्रेस नोट जारी कर देती है। लेकिन सवाल यह है कि चोरी करने वाले चोरों के मामले में ऐसा क्यों नहीं किया जा रहा। क्या ये चोर पुलिस से अधिक सक्षम हैं, जो लगातार खुलेआम चुनौती दे रहे हैं, जबकि पुलिस सिर्फ सीसीटीवी फुटेज देखकर खामोशी साधे बैठी है।
