भोपाल। मनुष्य अपने मन से कपट करना, धोखा देना ,चोरी करना ऐसे भावों को निकाल कर अपने स्वभाव को सरल व विनय युक्त बना लेता है उसे उत्तम आर्जव धर्म कहते हैं दस लक्षण पर्व के तीसरे दिन शनिवार नित्य नियम पूजन के पश्चात स्टेशन बजरिया श्री महावीर जिनालय में मनोज शास्त्री द्वारा प्रवचन कहा कि जो व्यक्ति दूसरों के साथ कपट करता है वह स्वयं ही अपने आप को धोखा देता है वह दूसरों के अपेक्षा स्वयं अपनी हनि करता है सरलता का दूसरा नाम ही और आर्जव धर्म है। स्टेशन बजरिया अध्यक्ष राजीव पंचरत्न नरेंद्र जैन अशोक जैन राजेंद्र पान जीतू जैन गौरव जैन चंद्रेश जैन स्टेशन बजरिया समस्त समाज धर्मसभा में शामिल होकर धर्म लाभ लिया महिला मंडल अध्यक्ष बबीता पंचरत्न द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम के द्वारा मोक्ष की सीढ़ी धर्म नाटिका प्रस्तुत की गई।संध्या में प्रतिदिन भव्य आरती एवं प्रवचन होते हैं।
सरलता का दूसरा नाम ही उत्तम आर्जव धर्म
