
विंध्यनगर। जिले के विंध्यनगर थाना क्षेत्र में पड़ने वाले उ.प्र. एनटीपीसी शक्तिनगर एवं म.प्र. विंध्यनगर एनटीपीसी सहित सिंगरौली जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की स्थिति इस बरसात में भी बदहाल बनी हुई है। तेज बारिश के बाद यहां जलभराव से सड़क तालाब जैसी नजर आती है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और छोटे वाहनों के लिए सफर किसी मुसीबत से कम नहीं रहता।
हर वर्ष बारिश के मौसम में ऐसी स्थिति बनती है, मगर न तो एनटीपीसी प्रबंधन, न नगर निगम और न ही जिला प्रशासन की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं। सड़क की हालत जस की तस बनी रहती है और जिम्मेदार विभागों की उदासीनता से जनता परेशान है। स्थानीय लोगों की मानें तो स्थिति अब इतनी बदतर हो चुकी है कि इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीर अंधेर नगरी चौपट राजा जैसे जुमले कहते हुए मिल जाते हैं। बारिश में जलभराव से सड़कों का क्षतिग्रस्त होना आम हो गया है, परंतु अधिकारी और जिम्मेदार तंत्र तमाशबीन बने हुए हैं। जनता त्रस्त है, सड़क क्षतिग्रस्त है और अधिकारी मस्त हैं। स्थानीय प्रशासन व एनटीपीसी प्रबंधन की चुप्पी पर अब जनता सवाल उठाने लगी है कि आखिर सड़क सुधार और जलभराव से निजात दिलाने के लिए कब तक इंतजार करना होगा। इधर बता दें कि तेलगवां-विंध्यनगर मार्ग में जहां जलभराव हुआ है, यह कोई नया मामला नही हैं। प्रति वर्ष बारिश के दिनों में यही हाल रहता है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस मसले पर कोई ध्यान नही दे रहे हंै। जबकि सूखे महीने में भी यहां जल भराव बना रहता है। इस रास्ते से जिम्मेदार अधिकारी भी गुजरते हैं, लेकिन उनको कोई फर्क नही पड़ता है। क्योंकि चार पहिया वाहन से उनका आना-जाना होता है। सबसे ज्यादा दिक्कत बाईक चलाने वाले चालको को होती है।
