इंदौर: ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों के ऊपरी सीटों पर रखे बैगों को काटकर जेवर और नकदी चुराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए जीआरपी पुलिस ने दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के पास से हजारों रुपए नकद और लाखों के आभूषण बरामद कर लिए हैं. ये आरोपी ट्रेन में आम यात्रियों की तरह सफर करते हुए चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे और अगला स्टेशन आते ही फरार हो जाते थे. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है.
घटना 22 फरवरी को घटित हुई थी, जब फरियादी अपने परिवार के साथ कोटा-इंदौर ट्रेन के जनरल कोच में कुम्भराज से इंदौर की यात्रा कर रहा था. ब्यावरा स्टेशन के आसपास किसी ने ऊपर रखे बैग को ब्लेड से काटकर लेडीज़ पर्स पार कर लिया. उसमें 8,000 की सोने की ‘हाय’ चूड़ी और 12,000 नगद थे. इसी तरह दूसरी वारदात 4 मई की है. एक महिला यात्री ट्रेन बीना-नागदा पैसेंजर से राधौगढ़ से ब्यावरा की यात्रा कर रही थी.
उसके ट्रॉली बैग से एक छोटा लेडीज पर्स चोरी हुआ, जिसमें करीब 91,000 के सोने-चांदी के जेवर रखे थे. चोरी की वारदातें बढ़ती देख पुलिस अधीक्षक रेल इंदौर संतोष कोरी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीषा पाठक सोनी व उप पुलिस अधीक्षक ज्योति शर्मा के मार्गदर्शन में जीआरपी ब्यावरा प्रभारी निरीक्षक गोपाल सिंह कनासिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई.
तकनीकी निगरानी और मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के छजलेट थाना क्षेत्र स्थित ग्राम गोपालपुर से दो आरोपियों 32 वर्षीय फईम पिता हनीफ और 35 वर्षीय जाकिर पिता शाबिर को गिरफ्तार किया. पुलिस ने दोनों के पास से सोने की हाय, अंगूठी, मोती, चांदी की करधोनी, पायल, बिछिया और 4,000 नगद सहित 56,000 मूल्य की चोरी की सामग्री बरामद की. पूछताछ में आरोपियों ने कई वारदातों को कबूला है.
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
आरोपी आमतौर पर रात की ट्रेनों में जनरल कोच में सफर करने वाले यात्रियों को निशाना बनाते थे. खुद को यात्री बताकर वे ऊपरी सीट पर बैठे रहते, बैगों की रेकी करते और यात्रियों के सो जाने के बाद धारदार औजार से बैग काटकर कीमती सामान पार कर लेते. स्टेशन आते ही वे ट्रेन से उतरकर भाग जाते थे
