
बुधनी. स्वच्छता की परीक्षा के बाद अब परिणाम आने को हैं, ऐसे में जिले को विशेष उपलब्धि मिलने की उम्मीद है, क्योंकि नगर पंचायत बुदनी ने सुपर लीग में जगह बना ली है. हालांकि अभी तक बुदनी की रैंक स्पष्ट नहीं है. वहीं शाहगंज नगर पंचायत प्रेसिडेंशियल अवार्ड की दावेदार है. शाहगंज को यदि यह अवार्ड मिलता है तो स्वच्छता सर्वेक्षण में जिले को नई पहचान मिलेगी.
खास बात यह है कि बुदनी और शाहगंज के सीएमओ व नोडल अधिकारियों को दिल्ली बुला लिया गया है, क्योंकि स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 के नतीजे गुरुवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में घोषित किए जाएंगे. यह तय है कि बुदनी को इस बार रैंक नहीं मिलेगी, लेकिन बुदनी का नाम देश की टॉप क्लीन सिटीज की सुपर लीग में शुमार किया गया है. इंदौर, सूरत और नवी मुंबई के साथ स्पर्धा में रहेगा.
स्वच्छता सर्वेक्षण के परिणाम की घोषणा के साथ पिछले साल स्वच्छ सुपर लीग नाम की नई श्रेणी जोड़ी गई थी. इसमें दो साल से टॉप-3 में आने वाले शहरों को लिया गया था, लेकिन एक दिन पहले ही इसमें बदलाव कर अवधि 3 साल कर दी गई. पिछली बार लीग में सिर्फ 12 शहर थे, अब 15 हो गए हैं. बुदनी नगर पंचायत जोनल स्तर पर टॉप पॉजिशन में पहले भी रह चुकी है. लेकिन इस बार बुदनी नगर पंचायत इंदौर, सूरत साथ, नवी मुंबई जैसे महानगरों की तरह रैंकिंग से बाहर रहेगी, क्योंकि स्वच्छता सुपर लीग में शामिल शहरों की रैंकिंग नहीं की जाती. लीग में वही शहर शामिल होते हैं, जो पिछले तीन वर्षों में टॉप-3 में रहे हैं. भले ही स्वच्छता में स्वच्छ सुपर लीग अलग श्रेणी बना दी गई है लेकिन देश के सभी शहरों को सफाई व्यवस्था के आधार पर 12500 में से अंक दिए जाएंगे. अवॉर्ड सेरेमनी राष्ट्रपति की मौजूदगी में 17 जुलाई को सुबह 11 बजे विज्ञान भवन में होगी. वहीं बुधवार को अवार्ड का ट्रायल किया जा रहा है.
इस बार जहां बुदनी सुपर लगी में शामिल हुआ है, वहीं शाहगंज ने भी बाजी मारते हुए प्रेसिंडेशियल अवार्ड की दौड़ में अपनी जगह बनाई है. प्रदेश के पांच शहर इस अवार्ड के लिए दौड़ में हैं. इसमें शाहगंज के अलावा भोपाल, देवास शामिल रहेंगे. जबलपुर को मिनिस्ट्रीयल कैटेगरी में और ग्वालियर भी स्टेट लेवल अवॉर्ड की दौड़ में है.
उल्लेखनीय है कि इंदौर के बाद प्रदेश की जीरो वेस्ट सिटी के रूप में बुदनी का नाम आता है. पूरे शहर में कहीं भी कचरा खुले में नहीं मिलेगा. हर घर से नियमित रूप से कचरा उठाया जाता है और वह भी अलग-अलग कैटेगरी में. यहां की कचरा प्रसंस्करण यूनिट अपनी अलग ही पहचान बनाए हुए है. हर दिन शहर का कचरा इक_ा करके कचरा प्रसंस्करण यूनिट भेजा जाता है. यहां मशीनों के साथ 15 कर्मचारी हर दिन कचरे को अलग-अलग कैटेगिरी में बांटते हैं. इस कचरे से ही नगर पंचायत का हर महीने से 60 से 70 हजार रुपए की आय होती है.
