विकास की जगह वादे: नपा अध्यक्ष की योजनाएं फेल, तकनीकी विभाग ही बना बाधा

पुनीत दुबे

इटारसी: नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पंकज चौरे की महत्वाकांक्षी योजनाएं तकनीकी विभाग की सुस्ती और प्रशासनिक पकड़ की कमी के चलते ठप पड़ गई हैं. अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने वाले पंकज चौरे से शहरवासियों को तेज़ विकास की उम्मीदें थीं,लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही साबित हुई. नगर पालिका की कई योजनाएं सिर्फ कागज़ों में सिमटकर रह गई हैं, जबकि कुछ पर भूमिपूजन के बाद भी कोई प्रगति नहीं हो पाई. शिक्षा विभाग की भूमि पर बनाए जा रहे एस्पिरेशनल टॉयलेट समेत अनेक परियोजनाएं बिना अनुमति और तैयारी के शुरू की गईं, जो अंततः फाइलों में दब गईं. प्रशासनिक अनदेखी और विभागीय टकरावों के चलते योजनाएं अधर में लटकी हुई हैं, और आम नागरिकों को केवल आश्वासन ही मिल रहा है.

शहर के बैल बाजार स्थित भूमि पर बनने वाली योजनाओं में भूमि पूजन का रिकार्ड ही टूट गया. वहां न जाने कितने नारियल भूमिपूजन के नाम पर फोड दिये इसका रिकार्ड भी नपा में नहीं मिल पा रहा है. इधर,मुख्य बाजार क्षेत्र में रेस्ट हाउस के सामने (पुत्री शाला स्कूल परिसर में बने शिक्षक सदन के सामने आकांक्षी शौचालय (एस्पिरेशनल टॉयलेट) बनाने का साहस पुन: किया. पहले भी नपा के एक ठेकेदार ने उक्त स्थान पर 5 दुकानों का निर्माण कर लिया था जिस ठेकेदार को जांच एजेंसी भी नहीं ढूंढ पायी थी. क्योंकि मामला दुकान निर्माण का था. इसलिये भाजपा के कार्यकर्ताओं ने आपस में दुकान बांटकर तीन शिक्षकों की पेंशन और वेतन वृद्धि को रूकवा दिया था.

आज उक्त शिक्षकों के परिवार अपनी दुखभरी गाथा को लेकर जनप्रतिनिधियों के पास जाते हैं तो उन्हें सिर्फ आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल पा रहा. एक शिक्षक अजय दुबे तो भगवान को प्यारे हो गये हैं अन्य दो शिक्षक जिसमें से सुधांशु शेखर मिश्रा सेवानिवृत्त हो चुके हैं बताया जाता है कि यह मामला हाईकोर्ट में चल रहा है और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अभी इसकी कोई अनुमति नहीं दी है. दावा किया जा रहा है कि 25 लाख रुपए की लागत से बनने वाले इस टॉयलेट में तमाम तरह की सुविधा होंगी और इससे शहर के व्यापारियों को फायदा होगा.

पर इस आकांक्षी शौचालय को लेकर कुछ सवाल और आशंकाएं भी उभरी हैं. जानकारों से प्राप्त सूचनाओं के मुताबिक नगर पालिका जिस स्थान पर यह महत्वाकांक्षी टॉयलेट बनाने जा रही है यह जमीन शिक्षा विभाग की है और शिक्षक सदन का हिस्सा है .उनका सवाल था कि क्या शिक्षा विभाग ने यह भूखंड नपा को ट्रांसफर कर दिया है किंतु इस पर किसी भी निर्माण की इजाजत नहीं दी है. करीब 9 साल पहले शिक्षा विभाग के इस शिक्षक सदन से जुड़े इस स्थान पर कुछ दुकानों का निर्माण किया गया था. उसमें एक पूर्व पार्षद का नाम खुलेआम लोग ले रहे हैं लेकिन उनका कुछ नहीं बिगडा. ये तीनों शिक्षकों के निलंबित होने के बाद दो की वेतनवृद्धि और एक शिक्षक की पेंशन 50 प्रतिशत रोककर प्रशासन ने स्वयं को तो बचा लिया था लेकिन इन तीनों शिक्षकों को बगैर किसी दोष के दोषी बता दिया था और इन तीनों को इसकी सजा भी भुगतनी पडी.
योजनाएं जो धरातल पर नहीं आ सकीं
1. नल जल योजना
2. बीओटी काम्पलेक्स
3. पुरानी इटारसी स्थित बस स्टेंड
4. चौपाटी बाजार
5. कान्वेंट स्कूल के बाजू में स्थित न्यास
दुकानों की नीलामी
6. थाने के बाजू में स्थित काम्पलेक्स
7. वाचनालय का बंद होना
8. शिक्षक सदन में एस्पिरेशनल टॉयलेट की
परमीशन नहीं मिल पाना
इस कारण नहीं मिलती अनुमति
शिक्षक सदन में तीनों निर्दोष शिक्षकों के उपर हुई प्रशासनिक कार्यवाही को लेकर जिला कलेक्टर शिक्षा अधिकारी व अन्य विभाग के जिनसे नपा प्रशासन को अनुमति मिलने की आस में योजना बना ली थी जिसके टेंडर भी हो गये थे और चहेते ठेकेदार को ठेका भी मिल गया था. पर भला हो अधिकारियों का जिन्होंने कहा कि हम हवा में कोई अनुमति नहीं देते. नगरपालिका को इस कारण चुपचाप एस्पिरेशनल टॉयलेट की योजना को बस्ते में बंद करनी पडी.
इनका कहना है कि
हमने प्रशासन से शहर के विकास के अंतर्गत नागरिकों की जनसुविधा के लिये एस्पिरेशनल टॉयलेट के लिये शिक्षा विभाग से एनओसी मांगी थी. हमको दुकानों का निर्माण नहीं करना था.
पंकज चौरे,अध्यक्ष
नपा परिषद इटारसी

Next Post

केजरीवाल की झुग्गी-झोपड़ी वालों के लिए लड़ाई 'घड़ियाली आंसू': कांग्रेस ने AAP सरकार पर दागे 10 तीखे सवाल, पांच साल में समाधान न करने का लगाया आरोप

Mon Jun 30 , 2025
दिल्ली कांग्रेस ने अरविंद केजरीवाल पर राजनीतिक नाटक का आरोप लगाया; पूछा- अपने कार्यकाल में क्यों नहीं दिया झुग्गीवासियों को अधिकार? विधानसभा में क्यों नहीं पारित किया गया विधेयक? नई दिल्ली, 30 जून (नवभारत): दिल्ली कांग्रेस ने झुग्गी-झोपड़ी (J J) कॉलोनी के निवासियों के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कथित […]

You May Like

मनोरंजन

एस. एस.राजामौली ने महेश बाबू की फिल्म वाराणसी के लिए हैदराबाद में बनाया आलीशान सेट मुंबई, 25 मार्च (वार्ता) फिल्मकार एस. एस. राजामौली ने अपनी आने वाली फिल्म ‘वाराणसी’ के लिए हैदराबाद में आलीशान सेट बनाया है। फिल्म वाराणसी में महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा जोनस और पृथ्वीराज सुकुमारन मुख्य भूमिकाओं में हैं।अभी इस फिल्म का प्रोडक्शन चल रहा है और यह हैदराबाद में लगाए गए शानदार सेटों के लिए खूब सुर्खियां बटोर रही है, जहाँ बड़े पैमाने पर वाराणसी की झलक को फिर से बनाया गया है। प्रतिष्ठित मंदिरों और आलीशान महलों के डिजाइन से लेकर बारीक से बारीक बनावट तक, ये सेट वाराणसी से इतने मिलते-जुलते हैं कि कोई भी यह महसूस किए बिना नहीं रह सकता कि वे साक्षात उसी पवित्र शहर के बीचों-बीच खड़े हैं। घाटों, मंदिरों और वहाँ के माहौल को इतनी बारीकी से डिजाइन किया गया है कि वाराणसी की रूह को पूरी तरह से उसमें उतारा जा सके, जिससे ये सेट एकदम असली नजर आ रहे हैं। चर्चा को और बढ़ाते हुए, ‘वाराणसी’ से महेश बाबू का ‘रुद्र’ के रूप में दमदार लुक, पृथ्वीराज सुकुमारन का ‘कुंभा’ के रूप में इंटेंस पहला लुक और प्रियंका चोपड़ा जोनस का ‘मंदाकिनी’ के रूप में रौबदार अवतार पहले ही सामने आ चुका है, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है और पूरे देश में एक्साइटमेंट भर दी है। इन शानदार झलकियों ने उम्मीदें बहुत बढ़ा दी हैं, और अब दर्शकों का इंतज़ार सातवें आसमान पर है क्योंकि हर कोई इस भव्य सिनेमाई अनुभव का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा है, जो सात अप्रैल, 2027 को बड़े पर्दे पर एक ग्रैंड रिलीज के लिए तैयार है।