
उज्जैन। पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी वाहिद लाला को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई। घटना करीब 15 माह पुरानी धुलेंडी (होली) वाले दिन की है। वाहिद लाला ने अपने बच्चों को नानी के घर भेजकर पत्नी संजीदा बी को गोली मारी थी।
कोर्ट में गुरुवार को इस मामले में सजा सुनाते हुए फैसले में कहा कि दोषी को फांसी लगाकर तब तक लटकाया जाए जब तक उसकी मृत्यु न हो जाए। कोर्ट ने अवैध रूप से शस्त्र रखने पर 5 वर्ष के कठोर कारावास और 100 रुपए अर्थदंड की सजा भी सुनाई है। जिला अभियोजन अधिकारी राजेंद्र खांडेगर ने बताया कि एक साल चले केस में कोर्ट ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है। एडीपीओ मिश्रीलाल चौधरी ने बताया कि वाहिद ने चरित्र शंका पर पत्नी को पेट कनपटी पर तीन गोली मारी थीं। उसे लगता था कि पत्नी का उसी के भतीजे से अवैध संबंध है। आरोपी वाहिद करीब 16 साल पहले हुई एक हत्या के मामले में भी जेल जा चुका था।
होली के दिन मारी थी पत्नी को गोलियां
थाना नागझिरी के गणेश नगर में रहने वाले वाहिद ने 25 मार्च 2024 को होलिका दहन के अगले दिन धुलेंडी की सुबह पत्नी 45 वर्षीय संजीदा बी को आदर्शनगर स्थित उसकी चाची के घर के सामने गोलियां मारी थीं, जिससे उसकी मौत हो गई थी। हत्या से पहले वाहिद लाला ने बेटे फरहान और दो बेटियों को ई-रिक्शा से एटलस चौराहा क्षेत्र में रहने वाली नानी के घर रवाना कर दिया। बच्चों से कहा था कि वह उनकी मां के साथ पीछे बाइक से आएगा।
