भारत का अवकाश यात्रा बाजार 2040 तक होगा 15 लाख करोड़ डॉलर का

नयी दिल्ली 25 जून (वार्ता) भारत के अवकाश यात्रा बाजार के वर्तमान के पांच लाख करोड़ डॉलर से तीन गुना बढ़कर 2040 तक 15 लाख करोड़ डॉलर के होने का अनुमान है।

बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) की ‘अनपैकिंग द 15 लाख करोड़ डॉलर ऑपरच्युनिटी इन लीजर ट्रैवल’ शीर्षक से बुधवार को जारी रिपोर्ट में घरेलू अवकाश यात्रा बाजार के 2040 तक लगभग 12 लाख करोड़ डॉलर पर पहुंचने की उम्मीद जतायी गयी है जबकि क्षेत्रीय यात्रा के दो लाख करोड़ डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है। अंतर्राष्ट्रीय यात्रा सबसे तेजी से बढ़ने की उम्मीद जताते हुये इसमें कहा गया है कि यह बाजार 1.4 लाख करोड़ डॉलर पर पहुंच सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे पारंपरिक पर्यटन दिग्गजों से चीन, भारत, सऊदी अरब और वियतनाम जैसे उभरते बाजार तेजी से आगे निकल रहे हैं।

बीसीजी की पार्टनर नितिमा मल्होत्रा ​​ने रिपोर्ट पर कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर सबसे गतिशील अवकाश यात्रा बाज़ारों में से एक बनने की ओर अग्रसर है। घरेलू अवकाश यात्रा व्यय में 2040 तक सालाना 12 प्रतिशत और अंतरराष्ट्रीय व्यय में 10 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है। भारतीय यात्री अपने देश और दुनिया दोनों की खोज में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। युवा पीढ़ी- मिलेनियल्स और जेन जेड- के नेतृत्व में यात्रा उद्योग में एक स्पष्ट बदलाव देखा जा रहा है, जो न केवल अधिक यात्रा कर रहे हैं, बल्कि ऐसे अनुभव भी खोज रहे हैं जो मूल्य, वैयक्तिकरण और उद्देश्य को मिलाते हैं। भारत बहु-पीढ़ीगत यात्रा के लिए अपनी मजबूत प्राथमिकता और ‘ब्लीज़र’ की बढ़ती लोकप्रियता के लिए भी खड़ा है, जहाँ 70 प्रतिशत से अधिक यात्री काम और अवकाश को एक साथ बिताना चाहते हैं। जैसे-जैसे यात्रा अधिक डिजिटल, सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक और अनुभव-आधारित होती जाती है, भारत का बढ़ता उपभोक्ता आधार वैश्विक अवकाश यात्रा के अगले अध्याय को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

रिपोर्ट के अनुसार भारत में युवा पीढ़ी अगले वर्ष में अधिक यात्राएं करने की संभावना अधिक है और यात्रा पर अधिक खर्च करने की भी उनकी इच्छा है। 58 प्रतिशत भारतीय यात्री प्रकृति, शहर, समुद्र तट और सांस्कृतिक स्थलों को पसंद करते हैं, जबकि अन्य देशों की तुलना में आध्यात्मिकता में उनकी रुचि अधिक कम है। भारतीय यात्री मुख्य रूप से 15 प्रतिशत आराम करने , 13 प्रतिशत नये नये स्थालोें को खोजने और 11 प्रतिशत कुछ अलग की चाहत लिए यात्राएं करते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार 28 प्रतिशत भारतीय यात्री आमतौर पर साथी या जीवनसाथी के साथ यात्राएं करते हैं और 23 प्रतिशत तत्काल परिवार के साथ तो केवल 9 प्रतिशत अकेले यात्रा करना पंसद करते हैं।

 

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