सीहोर. प्रदेशभर में स्टोन क्रेशर संचालकों ने राजस्व और खनिज विभाग की विसंगतियों से परेशान होकर अनिश्चितकालीन उत्पादन और विक्रय बंद कर दिया है. बीते तीन दिन से क्रेशर पूरी तरह ठप हैं. इसको लेकर सीहोर, इंदौर, भोपाल, देवास, धार, खंडवा समेत कई जिलों में क्रेशर संचालकों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा. जिला क्रेशर एसोसिएशन ने जिओ टैगिंग से पहले विभागीय विसंगतियां दूर करने और रॉयल्टी में स्टांप ड्यूटी समाप्त करने की मांग की. उन्होंने कहा कि सैटेलाइट सर्वे से खदानों की स्थिति में अंतर आता है जिससे अवैध उत्खनन का आरोप लग जाता है। साथ ही रॉयल्टी क्लियरेंस और पर्यावरण अनुमति प्रक्रिया में देरी से भी संकट गहराया है. प्रदूषण नियंत्रण मंडल की एनओसी हर दो माह में लेने की अनिवार्यता पर भी आपत्ति जताई गई. एसोसिएशन ने मांग की कि शासन समय-सीमा तय कर समस्याओं का समाधान करे ताकि उद्योग बच सके और राजस्व हानि भी रोकी जा सके.
