नयी दिल्ली 06 जून (वार्ता) संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन(एफएफएओ) ने कहा है कि वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 291 करोड 10 लाख टन का वैश्विक अनाज उत्पादन का अनुमान है जो वर्ष 2024 से 2.1 प्रतिशत अधिक है।
एफएओ ने शुक्रवार काे रोम में जारी आंकड़ों में बताया कि विश्व अनाज उपयोग में वर्ष 2025- 26 में 0.8 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है, जो 289 करोड़ 80 लाख टन तक पहुंच जाएगा। अनाज की वैश्विक खाद्य खपत में 0.9 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है, जबकि चारे के उपयोग में 0.5 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है।
आंकड़ों के अनुसार अनाज उत्पादन के उपयोग से अधिक होने की उम्मीद के साथ विश्व अनाज भंडार वर्ष
2025-26 में 1.0 प्रतिशत बढ़कर 87 करोड़ 36 लाख टन होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की गिरावट से उबर जाएगा। वैश्विक अनाज व्यापार भी वर्ष 2025-26 में 1.9 प्रतिशत बढ़कर 48 करोड 71 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि गेहूं व्यापार में 3.8 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है।
एफएओ की मासिक रिपोर्ट में कहा गया है कि मई में विश्व खाद्य वस्तुओं की कीमतों में गिरावट आई, क्योंकि मक्का और पाम तेल के लिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट दर्ज की गयी है जबकि मक्खन और मांस के मूल्यों में तेजी रही।
एफएओ खाद्य मूल्य सूचकांक मई में औसतन 127.7 अंक रहा, जो अप्रैल से 0.8 प्रतिशत कम है। अर्जेंटीना और ब्राजील में अच्छी फसल और उपलब्धता तथा संयुक्त राज्य अमेरिका में रिकॉर्ड फसल की उम्मीदों के कारण वैश्विक मक्का की कीमतों में तेजी से गिरावट आई। उत्तरी गोलार्ध में फसल की बेहतर स्थिति के कारण विश्व गेहूं की कीमतों में गिरावट आई है जबकि सुगंधित किस्मों की मजबूत मांग, भारतीय चावल की ऊंची कीमतों और मुद्रा में उतार-चढ़ाव के कारण मई में एफएओ ‘ऑल-राइस मूल्य सूचकांक’ में 1.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
एफएओ वनस्पति तेल मूल्य सूचकांक अप्रैल से 3.7 प्रतिशत कम हुआ है। अंतरराष्ट्रीय पाम तेल की कीमतों में मुख्य रूप से दक्षिण पूर्व एशिया में मौसमी उत्पादन और उपलब्धता में वृद्धि के कारण गिरावट आई है। अगले सीजन में वैश्विक उत्पादन में सुधार की उम्मीदों के बीच मई में एफएओ चीनी मूल्य सूचकांक में 2.6 प्रतिशत की गिरावट आई।
