चंबल डायरी/हरीश दुबे
शहरे ग्वालियर के पार्लियामेंट नुमाइंदे इन दिनों कुछ ज्यादा ही एक्टिव हैं। सिंधिया से सियासी अदावत के बाद निर्माणाधीन रेल्वे स्टेशन के मुआयने से लेकर एयरपोर्ट पर अफसरों की बैठक तक वे रोज ही अपनी सक्रियता का अहसास करा रहे हैं। ग्वालियर से नुमाइंदगी को एक साल पूरा होने पर रिपोर्ट कार्ड भी जारी कर चुके हैं। हम यहां जिक्र कर रहे हैं करोड़ों की लागत से सिरौल पहाड़ी पर बन रहे अटल स्मारक का सांसद महोदय द्वारा किए गए औचक मुआयने का। सांसद ने यहां पहुंचते ही अटल स्मारक की श्रृंखला में तमाम नए निर्माण जोड़ने के लिए कह दिया, मसलन गेस्ट हाउस, अनुसंधान एवं सांस्कृतिक केंद्र, ओपन थिएटर…और भी बहुत कुछ। अफसरों ने सांसद को साफ बता दिया कि इतने सारे कामों के लिए अटल स्मारक का बजट ही नहीं है। सांसद अफसरों से कह आए हैं, आप तो प्रपोजल बनाकर भेजो, बजट मैं दिलाऊंगा।
बड़ी देर कर दी भाजपा में आते-आते
हिंदुत्व और मोदी का गुणगान करते पर कांग्रेस ने अपने पूर्व नेता प्रतिपक्ष कृष्णराव दीक्षित को पार्टी से बाहर तो कर दिया लेकिन दीक्षित अभी तक नई राजनीतिक पारी शुरू नहीं कर सके हैं। वजह यह कि भाजपा में उनका प्रवेश अटका हुआ है। कांग्रेस में अच्छा खासा कैरियर रखने वाले दीक्षित की नई पार्टी में क्या हैसियत होगी, अर्श मिलेगा या फर्श, इस पर बात होनी है। वैसे भाजपा के उपनगर ग्वालियर के एक बड़े नेता का दावा है कि सब कुछ फाइनल है, बस उस दिन का इंतजार किया जा रहा है, जब सीएम और महाराज एक साथ ग्वालियर में होंगे। अगर दीक्षित भाजपा में आते हैं तो सुधीर गुप्ता और केशव मांझी के बाद वे पंजे को छिटककर भगवा पहनने वाले तीसरे नेता प्रतिपक्ष होंगे।
पड़ौसी जिले भी एयरपोर्ट की कतार में
पीतांबरा नगरी दतिया को एयरपोर्ट की सौगात मिली तो पड़ौस के भिंड और शिवपुरी जिलों से भी एयरपोर्ट की मांग तेज हो गई। भिंड की सांसद संध्या राय ने तो कार्यक्रम में मौजूद हवाई जहाजों के मंत्री राममोहन नायडू से भिंड के लिए एयरपोर्ट मांग लिया। नायडू ने भी सांसद से कह दिया कि पहले आप जमीन देख लो, सर्वे टीम भेजकर काम मैं शुरू करा दूंगा। शिवपुरी के जनप्रतिनिधि चाहते हैं कि उनके यहां भी जल्द से जल्द एयरपोर्ट शुरू हो जाएं। वैसे यहां सिंधिया पहले ही एयरपोर्ट की प्रक्रिया प्रोसेस में ला चुके हैं। शिवपुरी में अभी 60 एकड़ जमीन उपलब्ध है, नायडू ने 46 एकड़ और अतिरिक्त जमीन तलाशने के लिए कहा है। नायडू से पहले सिंधिया ही जहाजों का महकमा संभालते थे और वे इस अंचल को देश के महानगरों से जोड़ने तमाम फ्लाइट लाए थे, देखना है कि यह अंचल आंध्र के नायडू से कितना हासिल कर पाता है।
एक ही रात में बदल दिए पूरे घर के…
दतिया एयरपोर्ट के लोकार्पण समारोह में जनता के सामने आपस में तू-तू मैं-मैं करना पुलिस के आला अफसरान को इस कदर महंगा पड़ेगा, इसकी नजीर पहले कभी नहीं मिलती। सीएम ने एक ही रात में चंबल रेंज में घर के सारे बदल दिए। आईजी, डीआईजी से लेकर एसपी तक पर गाज गिरी है। सीएम ने रात में ही सोशल मीडिया पर इन अफसरों को हटाने का ऐलान किया और एक घंटे के भीतर ही तबादला आदेश लागू भी हो गया। सब कुछ इतनी जल्दी हुआ जिसका इन प्रभावित अफसरों को रत्ती भर इलहाम नहीं था। बहरहाल, यह सख्त एक्शन लेकर सीएम ने महकमे के अन्य अफसरों को यह संदेश दे दिया है कि वे सार्वजनिक स्थलों पर अपना आचरण मर्यादित और शुद्ध रखें। हालांकि महकमे के कुछ अफसरों का कहना है कि खता इतनी बड़ी नहीं थी जिसकी इतनी सख्त सजा दी गई।
फिर डराने लगा कोरोना
इंदौर और भोपाल के बाद अब ग्वालियर में भी कोरोना की एंट्री हो गई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग से लेकर जिला प्रशासन तक एलर्ट मोड पर है और अस्पतालों में संदिग्ध जांच से लेकर अतिरिक्त बैड और ऑक्सीजन प्लांट जैसी सभी जरूरी सुविधाएं चाकचौबंद रखी गई हैं लेकिन शहरवासियों में चिंता का माहौल तो बन ही गया है। सीएमएचओ दफ्तर से लेकर जिला प्रशासन तक के द्वारा बार बार शहर के बाशिंदों को नसीहत दी जा रही है कि वे डरें नहीं लेकिन एहतियात मुकम्मल बरतें लेकिन शहर में तीन बरस के अंतराल के बाद कोरोना का पहला मरीज मिलने के बाद लोगों के सामने एक बार फिर कोरोना की पहली, दूसरी और तीसरी लहरों के दौरान बना खौफनाक मंजर घूमने लगा है।
कुछ डरे, कुछ उम्मीद से भरे…
राहुल गांधी द्वारा भोपाल में एक के बाद एक ली गई मैराथन बैठकों में हिस्सा लेकर लौटे ग्वालियर के कुछ कांग्रेस नेता जोश से भरे हैं, भविष्य के प्रति उम्मीद से हैं तो कुछ डरे हुए हैं। खुश वे हैं जो अभी तलक हाशिए पर थे और राहुल द्वारा सेट किए नए क्राइटेरिया के बाद बड़ी जिम्मेदारी मिलने की आस बंधी है। डरे हुए वे नेता हैं जिन्हें राहुल की सख्ती के बाद अपने पद और पार्टी दफ्तर में मिली कुर्सी जाने का खतरा सता रहा है। राहुल ने हर जिले में तीन तीन ऑब्जर्बर भेजने का ऐलान जो कर दिया है…।
