नयी दिल्ली, 29 अप्रैल (वार्ता) केंद्रीय वाणिज्य विभाग के सचिव सुनील बर्थवाल ने नीदरलैंड की तीन दिन की यात्रा में बीच द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के साथ रॉटरडैम बंदरगाह अधिकारियों के साथ भारतीय बंदरगाहों के निकट सहयोग पर विशेष चर्चा की।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार इस बातीचत में रॉटरडैम बंदरगाह और दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण, कांडला जैसे भारतीय बंदरगाहों के बीच एक हरित और डिजिटल कॉरिडोर की स्थापना और भारत से यूरोप को हरित हाइड्रोजन और अमोनिया और मेथनॉल जैसे वाहकों के निर्यात के लिए बुनियादी बातचीत की गयी जिसमें रॉटरडैम बंदरगाह यूरोप के प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करेगा।
श्री बर्थवाल 24-26 अप्रैल तक भारत के एक प्रमुख साझेदार यूरोपीय देश नीदरलैंड का दौरा किया और इस दौरान वहां के अधिकारियों के साथ हुई बैठकों में द्विपक्षीय आर्थिक जुड़ाव को मजबूत करने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। विज्ञप्ति के अनुसार श्री बर्थवाल ने उच्च-स्तरीय चर्चाओं, उद्योग वार्तालापों में भागीदारी करते हुए आर्थिक महत्व के स्थलों का दौरा किया।
श्री बर्थवाल ने यूरोप के सबसे बड़े और दुनिया के सबसे उन्नत बंदरगाहों में से एक, रॉटरडैम बंदरगाह का दौरा किया। रॉटरडैम बंदरगाह प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बौडेविजन सीमन्स ने वर्ल्ड पोर्ट सेंटर में उनका स्वागत किया दोनों अधिकियों ने भारतीय बंदरगाहों और रॉटरडैम बंदरगाह के बीच सहयोग बढ़ाने पर गहन चर्चा की। विज्ञप्ति के अनुसार इस बातचीत में जानकारी के आदान-प्रदान , प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और स्थायी बंदरगाह प्रबंधन कार्यप्रणालियों के अवसरों को तलाशने पर चर्चा की गई।
श्री बर्थवाल को मासव्लाकटे-2 में पूरी तरह से स्वचालित एपीएम टर्मिनलों सहित बंदरगाह सुविधाओं के दौरे ने रॉटरडैम के अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे और परिचालन दक्षताओं के बारे में जानकारी प्रदान की।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि वाणिज्य सचिव ने भारत के समुद्री विजन 2030 के अनुरूप भारतीय बंदरगाहों के आधुनिकीकरण में सहयोग की संभावना का उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य बंदरगाह क्षमता और रसद दक्षता को बढ़ाना है। दोनों पक्षों ने बंदरगाह डिजिटलीकरण, हरित शिपिंग और लॉजिस्टिक्स अनुकूलन के क्षेत्र में संयुक्त पहलों के माध्यम से संबंधों को और मज़बूत बनाने में रुचि जताई और यह द्विपक्षीय व्यापार प्रवाह को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि वाणिज्य सचिव की यात्रा में भारत-नीदरलैंड साझेदारी के रणनीतिक महत्व को मजबूत बनाने में बल मिला है। इस यात्रा के दौरान व्यापार एवं निवेश पर संयुक्त समिति जैसे संस्थागत तंत्रों के माध्यम से सहयोग बढ़ाने के लिए आधार तैयार किया गया।
श्री बर्थवाल ने व्यवसाय जगत के प्रतिनिधियों के साथ गोलमेज बैठक में भाग लिया जिसमें नीदरलैंड की कंपनियों ने भारत के बढ़ते बाजार और निवेश के अवसरों में गहरी रुचि व्यक्त की। इस बैठक में भारत और मेजबान देश के व्यापार मंडलों और व्यापार संगठनों के लगभग 40 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने बहुमूल्य सुझाव दिए, भारत सरकार और दूतावास ने उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए अपनी वचनबद्धता व्यक्त की। सम्मेलन से दोनों पक्षों के उद्योग जगत के प्रतिधियों को अक्षय ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य सेवा, रसद, अपशिष्ट प्रबंधन एवं शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों की पहचान करने का अवसर मिला।
गोलमेज सम्मेलन में दूतावास द्वारा वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) हस्तशिल्प का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें भारत की समृद्ध हस्तशिल्प पराम्परा का प्रदर्शन भी हुआ।
श्री बर्थवाल ने यात्रा की शुरुआत नीदरलैंड के विदेश मंत्रालय के विदेशी आर्थिक संबंधों के महानिदेशक मिचेल स्वीर्स के साथ बैठक से की । इस बैठक में संयुक्त व्यापार और निवेश समिति (जेटीआईसी) तंत्र की स्थापना के माध्यम से द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
श्री बर्थवाल ने भारत के महत्वाकांक्षी आर्थिक सुधारों पर बल दिया, जिसमें विनिर्माण, निर्यात और कारोबार में आसानी को बढ़ावा देने की पहल शामिल है जिसका वहां के हितधारकों ने समर्थन किया।
श्री बर्थवाल सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए फोटोलिथोग्राफी सिस्टम में वैश्विक रूप से अग्रणी एएसएमआईएल के मुख्यालय का दौरा करने के लिए वेल्डहोवन गए। वहां उनकी एएसएमआईएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टोफ़ फ़ौक्वेट के साथ सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत-नीदरलैंड सहयोग के विस्तार पर चर्चा हुई। विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह बैठक भारत के सेमीकंडक्टर मिशन में एएसएमआईएल की विशेषज्ञता का लाभ उठाने के तौर तरीकों पर केंद्रित थीं। श्री बर्थवाल ने उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन और बुनियादी ढांचे के विकास सहित सेमीकंडक्टर में निवेश आकर्षित करने के लिए भारत के मजबूत नीतिगत ढांचे को रखांकित किया।
इस यात्रा में वाणिज्य सचिव के साथ गए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव साकेत कुमार ने द हेग में नीदरलैंड के आर्थिक मामलों के मंत्रालय में उद्यम एवं नवाचार प्रभाग के उप महानिदेशक जेर्क ओपमीर से भेंट की। दोनों पक्षों ने भारत-नीदरलैंड स्टार्टअप लिंक के अंतर्गत आपसी प्रयासों के माध्यम से स्टार्टअप और नवाचार के लिए वातावरण को मजबूत बनाने में सहयोग के लिए प्रतिबद्धता जताई।
