रीवा:जिले के प्रभारी मंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल के मुख्य आतिथ्य में पंच-सरपंच सम्मेलन का आयोजन किया गया.कृष्णा राजकपूर आडिटोरियम में आयोजित सम्मेलन में प्रभारी मंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर पंच परमेश्वर की कल्पना की थी. राष्ट्रपिता की परिकल्पना में पंचायतों का कर्तव्य महत्पूर्ण था.
पंचायत राज अधिनियम में कर्तव्यों के स्थान पर ग्राम पंचायतों के अधिकारों को बल दिया गया. पंचायत पदाधिकारी अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों पर भी ध्यान दें. विवाद और झगड़े से विकास के कार्य संभव नहीं हैं. ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर और प्रशासनिक व्यवस्था से समन्वय बनाकर ही पंचायतों का विकास होगा. प्रभारी मंत्री ने कहा कि पंचायतों को सशक्त करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है.
सरपंचों की 15 लाख रुपए की सीमा को बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दिया गया है. ग्रामीण विकास से जुड़े अधिकारी पंचायतों के विकास की मंशा से कार्य कर रहे हैं. इनमें यदि कोई लापरवाही बरतेगा तो उस पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी. सरपंच और जनपद सदस्य अपनी कठिनाईयों से अवश्य अवगत कराएं. इन कठिनाईयों को दूर करके ही पंचायतों के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा.
अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती नीता कोल ने सम्मेलन में कहा कि विवादों और नकारात्मक बातों को छोडक़र हम सब मिलकर पंचायतों और जिले के विकास के लिए प्रयास करें. पंच-सरपंच सम्मेलन में सरपंच भमरा ने पंचायतों की कठिनाईयों तथा सरपंच अजगरहा भूपेन्द्र सिंह ने नलजल योजना की सफलता की बात रखी. सम्मेलन में विधायक सेमरिया अभय मिश्रा, विधायक मनगवां नरेन्द्र प्रजापति, कलेक्टर-एसपी मौजूद रहे.
ग्राम पंचायतो का विकास होगा तभी रीवा का विकास संभव: उपमुख्यमंत्री
समारोह में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि लंबे अंतराल के बाद पंच-सरपंचों से संवाद का स्वागत योग्य अवसर आया है. जिले के प्रभारी मंत्री की पहल से ग्राम पंचायतों के विकास को गति मिलेगी. ग्राम पंचायतों का विकास होगा तभी रीवा का विकास संभव है.
