
नरसिंहपुर कलेक्टर सहित अन्य से मांगा जवाब
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने नरसिंहपुर के एडीशनल कलेक्टर के उस आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी जिसके तहत एक कॉलोनाइजर पर एफआईआर के निर्देश दिये गये थे। एक अपील की सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत व जस्टिस विवेक जैन की खंडपीठ ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव, कलेक्टर नरसिंहपुर व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।
नरसिंहपुर निवासी सूर्यांश आचार्य की ओर से अधिवक्ता सुशील मिश्रा व कंचन मिश्रा पांडे ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि मप्र नगर पालिक विकास नियम 2021 के तहत अवैध कॉलोनी निर्माण के संबंध में कार्रवाई के लिये विहित प्राधिकार कलेक्टर हैं। एडीशनल कलेक्टर को यह अधिकार नहीं है। दरअसल, याचिकाकर्ता पर अवैध कॉलोनी बनाने का आरोप है। दलील दी गई कि याचिकाकर्ता के पास कॉलोनाइजर का सर्टिफिकेट है। रेरा में भी आवेदन दिया है। इस संबंध में एसडीएम की रिपोर्ट पर एडीशनल कलेक्टर ने आदेश जारी कर कहा कि उक्त जमीन में अस्तांतरणीय लिखा जाए और याचिकाकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने कहा था। जिस पर हाईकोर्ट की शरण ली गई। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने उक्त निर्देश दिये।
