
पहली बार पुलिस मैदान छोड़ महाराणा प्रताप स्कूल में हुआ आयोजन,गोलियों की आवाज से लोग हुए हैरान
नवभारत न्यूज
दमोह. शहर सहित जिले भर में होलिका पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए एक अनूठी पहल की गई. पुलिस अधीक्षक श्री सोमवंशी के निर्देश पर बुधवार सुबह पुरैना तालाब के पास महाराणा प्रताप स्कूल मैदान में बलवा ड्रिल का आयोजन किया गया.यह पहला मौका था जब पुलिस ने अपने मैदान के बजाय किसी दूसरे स्थान पर बलवा ड्रिल की. बुधवार सुबह करीब 9 बजे ड्रिल शुरू हुई. गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग चौंक गए. शुरुआत में लोगों ने इसे पटाखों की आवाज समझा.लेकिन लगातार गोलियों की आवाज से लोगों को लगा कि कोई बवाल हो गया है.जब लोग स्कूल मैदान पहुंचे तो वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था.दंगाइयों की भूमिका में भी वर्दीधारी पुलिस अधिकारी व कर्मी थे.
*एसपी के नेतृत्व में निकाला फ्लैगमार्च*
बता दे कि दमोह पुलिस अधीक्षक श्री सोमवंशी के नेतृत्व में बलवा ड्रिल होने के बाद फ्लैग मार्च निकाला गया. जो महाराणा स्कूल से प्रारंभ होकर ज्वाला माई तिराहा से पुराना थाना, टॉकीज तिराहा, बकौली चौक से घंटाघर पहुंचा. वहां सभी पुलिस अधिकारी और बल को पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी करने के संबंध में ब्रीफ कर अलर्ट रहने के निर्देश दिए. इसके बाद पुनः फ्लैग मार्च शुरू हुआ.जो अस्पताल चौक होते हुए सिटी कोतवाली में समापन हुआ.
*यह रहे मौजूद*
बलवा ड्रिल और फ्लैग मार्च में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप मिश्रा, सीएसपी अभिषेक तिवारी, एसडीओपी पथरिया रघु केसरी, आरआई हेमंत बरहैया, कोतवाली टीआई आनंद राज, टीआई देहात मनीष कुमार, टीआई आनंद सिंह, टीआई अमित मिश्रा, अमित गौतम,थाना प्रभारी पटेरा सरोज ठाकुर, यातायात थाना प्रभारी दलबीर सिंह मार्को, महिला थाना प्रभारी फेमिदा खान, थाना कुम्हारी रोहित कुमार द्विवेदी, जबेरा विकास कुमार चौहान, तारादेही राजीव पुरोहित, तेंदूखेड़ा थाने से सब इंस्पेक्टर आरके गौस्वामी, मकरोन थाना प्रभारी बृजलाल पटेल, मडियादो थाना प्रभारी बृजेश पांडे, थाना प्रभारी चंदन सिंह निरंजन, रजपुरा थाना प्रभारी सरदार सिंह, सूबेदार अभिनव साहू, लाइन अधिकारी दिनेश गोस्वामी सहित पुलिस अधिकारी व बल, वज्र वाहन फायर ब्रिगेड, एम्बूलैंस मौजूद रही.
*बदमाशों को संदेश मिलता है*
एसपी श्री सोमवंशी ने बताया कि त्योहार से पहले यह तैयारी दो कारणों से की जाती है. पहला, इससे लोगों को भरोसा मिलता है कि पुलिस उनके साथ है. दूसरा, बदमाशों को संदेश मिलता है कि गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई होगी.
इस ड्रिल से पुलिस को भी अभ्यास का मौका मिलता है.इससे वे किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बेहतर तैयारी कर पाते हैं.
