नियुक्ति के पूर्व आपराधिक प्रकरणों की जानकारी छिपाने का मामला
जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत व जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने सिविल जज वर्ग-दो अतुल ठाकुर की बर्खास्तगी को बरकरार रखा है। युगलपीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि नियुक्ति के पहले आपराधिक प्रकरण की जानकारी छिपाना सर्वथा अनुचित है। याचिकाकर्ता ने तथ्य छिपाया था और नियुक्ति के पहले एक भी बार यह तथ्य उजागर नहीं किया कि उसके विरुद्ध कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज है।
दरअसल, विदिशा निवासी अतुल ठाकुर ने वर्ष 2007 में मप्र लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। याचिकाकर्ता को 2008 में सिविल जज वर्ग-दो के पद पर नियुक्ति दी गई थी। याचिकाकर्ता पर आरोप है कि उसके विरुद्ध एफआईआर लंबित थीं। विभागीय जांच में यह बात सामने आई है कि याचिकाकर्ता ने सत्यापन-प्रपत्र में जानबूझकर आपराधिक प्रकरण के संबंध में जानकारी छिपाई है। पूरे मामले का अवलोकर करने के बाद न्यायालय ने उक्त निर्देश दिये।
